
कोलारस विधानसभा में रेत के लिए जीवन छीनने पर उतारू माफिया: स्टॉप डैम के गेट खोलकर नदी कर दी खाली
क्षेत्रीय सांसद ने तो कहा था कि मेरे क्षेत्र में नहीं चलेगा मफ़ियाराज, यहां तो रेत माफिया नदियां सुखाने पर उतारू
शिवपुरी। जल ही जीवन है, यह स्लोगन न केवल लिखा देखा, बल्कि सच भी है। सिंध नदी पर स्टॉप डैम बनाकर पानी को रोका गया, जिस वजह से नदी किनारे की रेत पानी से बाहर नहीं आ पा रही थी। कोलारस विधानसभा की बदरवास तहसील के ग्राम सडबूढ़ के पास स्टॉप डैम के 4 गेट बीती रात खोल दिए गए। यह पानी इधर-उधर बिखर कर सूख जाएगा, जबकि स्टॉप डैम में पानी भरा होने से वाटर लेवल बना रहने के साथ गांव के मवेशियों को भी पानी मिलता रहता है। पानी खोलने का शक रेत माफिया पर जा रहा है, क्योंकि स्टॉप डैम में पानी भरा होने से सिंध नदी के एक बड़े एरिया में पर्याप्त पानी होने की वजह से रेत माफिया वहां से रेत नहीं निकाल पा रहे। ज्ञात रहे कि कोलारस विधानसभा में बिना माइनिंग की परमीशन के सिंध नदी पर दर्जनों अवैध घाट से बड़ी मात्रा में रेत निकाली जा रही है। खनन माफिया को रेत की इतनी जरूरत है कि वो नदी सूखने का इंतजार करने की बजाए नदी को खाली करने पर उतारू हैं।
क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने तीन दिवसीय दौरे के लिए 24 अप्रैल यानि आज रात ही शिवपुरी आ जाएंगे, उसके बाद उनके कोलारस एवं पिछोर में कई कार्यक्रम तय किए गए हैं। आप लोगों को याद होगा कि सांसद बनने के बाद अपने पहले स्टेटमेंट में सिंधिया ने कहा था कि मेरे संसदीय क्षेत्र में कोई मफ़ियाराज नहीं चलेगा। बावजूद इसके उनके नजदीकी कोलारस विधायक के क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन जोरशोर से चल रहा है। उन्हीं रेत माफिया ने गुरुवार की रात को बदरवास के सडबूढ़ घाट पर बने स्टॉप डैम के 4 गेट खोल दिए, जिन्हें ग्रामीणों ने सुबह देखा, तब तक नदी का इकठ्ठा किया गया हजारों गैलन पानी खाली हो चुका था, तथा नदी के किनारों पर रेत दिखने लगी थी। जिले में कोलारस और करेरा विधानसभा में रेत माफिया पूरी तरह से हावी है, तथा बड़ी मात्रा में रेत का उत्खनन किया जा रहा है। पिछले दिनों एक पनडुब्बी को जलाने की कार्यवाही करके माइनिंग विभाग ने नए साहब को दिखाया था।






