
मैराथन बैठक का निचोड़: नपाध्यक्ष से ले लो इस्तीफा, तो हम नहीं छोड़ेंगे पार्टी
ओमी सहित पार्षदों के साथ हुई भाजपा जिलाध्यक्ष की बैठक, आए महामंत्री हितानन्द के फोन
नपाध्यक्ष की कुर्सी पर निर्णय के लिया मांगा समय, फिर शुरू हुई गायत्री शर्मा की उल्टी गिनती
शिवपुरी नगरपालिका में चल रही खींचतान के बीच शुक्रवार को भाजपा जिला उपाध्यक्ष पद से ओमप्रकाश जैन ओमी के इस्तीफा देने, तथा अन्य 17 पार्षदों के इस्तीफे भले ही शिवपुरी के कंप्यूटर में टाइप हो रहे थे, लेकिन उसकी खटपट भोपाल।में सुनाई दी। यही वजह है कि शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष खाली पेट ओमी जैन के निवास पर आ धमके और मान मनोबल के बीच यही पर खाना भी खाया। मैराथन बैठक का जो निचोड़ निकला, उसमें एक बार फिर नपाध्यक्ष की कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराने लगे। बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष के मोबाइल पर कई बार प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा के भी फोन आए, यानि हलचल राजधानी में भी है।
आज सुबह जहां भाजपा जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा देने वाले ओमी जैन से मुलाकात करके उन्हें मनाने के भरसक प्रयास किए, तो वहीं देर दोपहर फिर से पार्षदों के साथ यह दौर शुरू हुआ। ओमी जैन ने बताया कि हमने तो जिलाध्यक्ष से एक ही बात कही है कि या तो नपाध्यक्ष का इस्तीफा ले लो, अन्यथा हम सभी पार्षदों का इस्तीफा स्वीकार कर लो। सूत्रों को मानें तो इस बात पर भी चर्चा हुई कि नपाध्यक्ष से पावर छीन लिए जाएं, लेकिन पार्षद इस्तीफे पर ही अड़े रहे। इस पर जिलाध्यक्षणे कहा कि मुझे कुछ दिन का समय दें, तो मैं संगठन में वरिष्ठ नेताओं के अलावा केंद्रीय मंत्री से भी बात करूंगा।
ओमी जैन ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने यह भरोसा दिलाया है कि अब उनके खिलाफ कोई जांच नहीं होगी। बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट हो गया कि अभी तक केंद्रीय मंत्री को उनके आसपास के लोग यह कहकर भ्रमित कर रहे थे 4-5 पार्षद विरोध के रहे हैं, जबकि नपाध्यक्ष के विरोध में पार्टी के 17 पार्षद हैं। जिनका यदि एक साथ पार्टी से इस्तीफा होता तो फिर जवाब भाजपा जिलाध्यक्ष से भी पूछा जाता, तथा केंद्रीय मंत्री की राजनीतिक छवि पर भी असर पड़ता।
भोपाल में मिली थी जांच की सूचना
सूत्रों का कहना है कि 5 दिन पूर्व ओमी जैन सहित अन्य भाजपा पार्षद भोपाल में प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से मिलने हुए थे। जहां पर शर्मा ने ओमी से कहा कि तुम्हारे खिलाफ जांच चल रही है। बस उसके बाद से ही ओमी ने तय कर लिया था कि उपाध्यक्ष और पार्टी के सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। हालांकि जब ओमी से पूछा तो वे बोले कि मेरे खिलाफ हो रही जांच की बात मुझे विधायक देवेंद्र जैन से मालूम चली थीं महत्वपूर्ण बात यह है कि ओमी जैन का इस्तीफा भले ही जिलाध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया, लेकिन ओमी ने अपनी कार में से उपाध्यक्ष की प्लेट हटा दी, जिसे अब वो ना लगाने की बात कर रहे हैं।

ओमी जैन और भाजपा जिलाध्यक्ष







1 thought on “मैराथन बैठक का निचोड़: नपाध्यक्ष से ले लो इस्तीफा, तो हम नहीं छोड़ेंगे पार्टी”