
बाहर लगा बोर्ड फटा, अंदर 150 मशीनें खा रहीं धूल, बिजली बनी अड़चन, कर्मचारी बोला: कोलारस में ट्रेनिंग ले रहीं महिलाएं
शिवपुरी से सैमुअल दास::
शिवपुरी जिले में अदाणी ग्रुप की आमद हो चुकी है। आगामी 5 जुलाई को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शहर के पोलो ग्राउंड में अदाणी ग्रुप की डिफेंस मेन्युफेक्चरिंग उद्योग का भूमिपूजन करने शिवपुरी आ रहे हैं। अदाणी ग्रुप का यह दूसरा प्रोजेक्ट है, जबकि जैकेट उद्योग का उद्घाटन बीते 25 अप्रैल 2026 को केंद्रीय मंत्री सिंधिया, बदरवास के बूढ़ाडोंगर में कर चुके हैं। शुक्रवार को SD न्यूज ने अदाणी ग्रुप के जैकेट उद्योग को देखा तो वो ओपनिंग के दो माह बाद भी बंद पड़ा है।
देश को चलाने वाला अदाणी ग्रुप शिवपुरी जिले में करोड़ों का निवेश कर रहा है। दो माह पूर्व बदरवास के बूढ़ाडोंगर में सैकड़ों महिलाओं की मौजूदगी में अदाणी ग्रुप के जैकेट उद्योग का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया था। लेंस्किंग कंपनी ने टीनशेड टाइप इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके इसमें 150 इलेक्ट्रिक सिलाई मशीन लगा दी हैं। इन मशीनों का उपयोग न होने से इन पर धूल चढ़ रही है। जैकेट उद्योग में छाई इस वीरानी के बीच एक कर्मचारी धर्मेंद्र पाल ने बताया कि बिजली की पर्याप्त सुविधा न होने की वजह से यह मशीनें बंद पड़ी हैं। इतना ही नहीं, धर्मेंद्र को अभी तक वेतन भी नहीं मिला है।
ज्ञात रहे कि बदरवास में रमेशचंद्र अग्रवाल ने बरसों पहले ही जैकेट उद्योग शुरू कर दिया था। जिसमें काम करने वाली महिलाएं पहले से ही एक्सपर्ट हैं। अब उन्हीं जैकेट को इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से आकर्षक बनाकर अदाणी ग्रुप का लेबल लगा दिया जाएगा। इस उद्योग का उद्घाटन हुए 69 दिन गुजर गए, लेकिन अभी तक उसमें काम शुरू नहीं हो पाया। अब कोलारस में अडानी ग्रुप के डिफेंस मेन्युफेक्चरिंग उद्योग का भूमिपूजन 5 जुलाई को होने जा रहा है, तो वो कब शुरू होगा..?, यह तो भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।
हथियार उद्योग में कैसे मिलेगा रोजगार..?
कोलारस में शुरू होने वाले डिफेंस मेन्युफेक्चरिंग उद्योग में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया जा रहा है। जबकि इस तरह के उद्योग में तो टेक्नीकल लोगों की जरूरत रहेगी, यानि जो हथियार बनाने में एक्सपर्ट हों, तो ऐसे लोग शिवपुरी में कितने मिलेंगे.?। हां, यदि शिवपुरी पुलिस के रिकॉर्ड में हथियार बनाने वाली फैक्ट्री में पकड़े गए एक्सपर्ट लोग, (जो आरोपी बने हैं), उन्हें जरूर मौका दिया जाना चाहिए। क्योंकि वो पहले चोरी छुपे सीमित संसाधनों से हथियार बना रहे थे, अब उद्योग लगने से उन्हें आधुनिक मशीनों से हथियार बनाने का मौका मिलेगा।








