July 2, 2026
जलपरियों ने मेला ठेकेदार पर लगाया छेड़छाड़ व 1.20 लाख रुपए न देकर धोखाधड़ी का आरोप

जलपरियों ने मेला ठेकेदार पर लगाया छेड़छाड़ व 1.20 लाख रुपए न देकर धोखाधड़ी का आरोप

रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ सख्त हुआ प्रशासन, नरवर में 6 फंडों पर की कार्रवाई

शिवपुरी। मेलों के शहर बने शिवपुरी में सन सिटी मेले में आईं जलपरियां ने मेला ठेकेदार पर छेड़छाड़ एवं 1.20 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत कोतवाली में की है। वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने रेत माफिया के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए नरवर में रेत के 6 फंडों और कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि शिवपुरी शहर के सिद्धेश्वर मेले के अलावा फतेहपुर में भी सन सिटी के नाम से एक मेला संचालित है। जिसमें उज्जैन की दो युवतियां जलपरी का शो करने आई थीं। मेला ठेकेदार से उनका प्रतिदिन 7 हजार रुपए तथा 600 रुपये बाउंसर का रेट तय हुआ था। इन जलपरियों का कहना है कि ठेकेदार ने शुरुआत के 10 दिन का भुगतान तो कर दिया, लेकिन उसके बाद उसने यह कहते हुए पेमेंट करने से इंकार कर दिया कि मेला ठीक से चला नहीं है। जलपरियों का 1 लाख 20 हजार 300 रुपए मेला ठेकेदार पर बकाया बताया है। इतना ही नहीं, उन्होंने मेला ठेकेदार के खिलाफ छेड़छाड़ की लिखित शिकायत भी कोतवाली में की है।

नरवर में अवैध रेत भंडारण पर कार्यवाही, 6 स्थानों से लगभग 400 ट्रॉली रेत जब्त

नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 स्थानों पर अवैध रूप से भंडारित लगभग 400 ट्रॉली रेत जब्त की। ग्राम टुकी में जांच के दौरान छह अलग-अलग स्थानों पर बड़ी मात्रा में रेत का अवैध भंडारण पाया गया। संबंधित व्यक्तियों से रेत भंडारण की वैध अनुमति एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जा सका। प्रशासन द्वारा करीब 400 ट्रॉली रेत जब्त कर रेत के टीलों का चूने से सीमांकन कराया गया तथा आगामी कार्रवाई तक जब्त रेत को संबंधित ग्राम के कोटवार की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। मामले की विस्तृत रिपोर्ट आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए जिला खनिज अधिकारी, शिवपुरी को प्रेषित कर दी गई है।

जलपरियों ने मेला ठेकेदार पर लगाया छेड़छाड़ व 1.20 लाख रुपए न देकर धोखाधड़ी का आरोप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page