
न्यायालय आदेश पर भारी पड़ रही पूर्व मंत्री राठखेड़ा की राजनीति, आवेदन लेकर भटक रहा परेशान परिवार
बैराड़ के वार्ड 12 में 2 हजार वर्गफीट जमीन पर भू- मफिया की नजर, राजनीतिक संरक्षण में तोड़ चुके हैं कमरा
शिवपुरी। जमीनों के कारोबार में अब शिवपुरी जिले के जनप्रतिनिधि भी न केवल कूद चुके हैं, बल्कि वो न्यायालय आदेश को भी नहीं मान रहे। ऐसा ही एक मामला बैराड़ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 में 2 हजार वर्गफीट जमीन का सामने आया है, जिसमें न्यायालय आदेश होने के बावजूद पुलिस से लेकर नगर परिषद के अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सुरेश राठखेड़ा के राजनीतिक संरक्षण में भूमाफिया हमें परेशान कर रहे हैं।
यह है मामला:
बैराड़ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 में सर्वे क्रमांक 833 में 40 वाई 50 यानि 2 हजार वर्गफीट जमीन के भूमिस्वामी कैलाश नारायण किरार हैं। उक्त जमीन बैराड़ बस स्टैंड पर होने की वजह से उसकी कीमत बढ़ जाने से उस पर भूमाफिया की नजर पड़ गई। सभी दस्तावेज कैलाश नारायण के पक्ष में होने के बावजूद जब विरोधियों ने अपना हक जताने का प्रयास किया, तो कैलाश नारायण ने न्यायालय की शरण ली। पंचम व्यवहार जिला न्यायाधीश शिवपुरी की अदालत ने बीते 13 मई 2026 को फैसला कैलाश नारायण के पक्ष में करते हुए प्रतिवादीगण को निर्देशित किया है कि वादी के कार्य में किसी तरह का कोई हस्तक्षेप न किया जाए।
प्रतिवादी में पूर्व मंत्री का खास भी शामिल:
इस केस में प्रतिवादीगण में शामिल रामबाबू धाकड़, जो कथित तौर पर पूर्व मंत्री सुरेश राठखेड़ा के जमीनों का मामला देखता हैं। रामबाबू खुद डांगवर्वे का सचिव है, तथा कालामड जमीन घोटाले में भी शामिल रहा। पूर्व मंत्री के प्रभाव की वजह से नगर परिषद सीएमओ एवं बैराड़ थाना प्रभारी भी पीड़ित परिवार को अलग अलग तरह से धमकी देकर भयादोहित कर रहे हैं।
अब नए कलेक्टर व एसपी को देंगे आवेदन:
कैलाश नारायण किरार की बेटी ज्योति का कहना है कि हमें पिछले ढाई वर्ष से परेशान किया जा रहा है। हमने पूर्व कलेक्टर एवं एसपी को भी आवेदन दिए थे, तथा अब नए कलेक्टर एवं एसपी मैडम को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाएंगे।







