
सुबह 7:30 बजे का स्कूल, 8 बजे पहुंचे कलेक्टर, मिला ताला, डीईओ को नोटिस
शिवपुरी। औचक निरीक्षणों के लिए मशहूर शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा मंगलवार को स्कूलों का निरीक्षण करने जा पहुंचे। सुबह 8 बजे जब माध्यमिक विद्यालय खोरघार को देखने पहुंचे, तो स्कूल में ताला लटका मिला। कलेक्टर ने बंद ताले के साथ फोटो खिंचवाया, और फिर माध्यमिक विद्यालय सिंहनिवास पहुंचे तो वहां स्कूल तो खुला था, लेकिन 5 शिक्षक अनुपस्थित मिले। जिला मुख्यालय के नजदीक शासकीय स्कूलों का जब यह हाल है तो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति क्या होगी?, शायद इसी के मद्देनजर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
गौरतलब है कि मौसम में अधिक गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से 12 बजे तक का कर दिया गया है। आज सुबह कलेक्टर ने जब शिवपुरी विकासखंड के दो स्कूलों का निरीक्षण किया तो चावल के दो दानों से ही समझ लिया कि चावल की स्थिति क्या है। उन्होंने सभी एसडीएम एवं तहसीलदार को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्रों में स्कूलों का निरीक्षण करें, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हो सके।
कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल ने अपने क्षेत्र के ग्राम बम्हारी का प्राथमिक स्कूल सुबह 9:55 बजे चेक किया, तो स्कूल बंद मिला। वहीं माध्यमिक एवं हाइस्कूल बम्हारी के निरीक्षण में दो-दो अतिथि शिक्षक अनुपस्थित मिले। जिन पर कार्यवाही का प्रस्ताव विभाग को भेज दिया।
श्योपुर के कर्मचारी खुश, शिवपुरी के चिंतित
सौ किमी दूर श्योपुर से शिवपुरी आए अर्पित वर्मा का जब ट्रांसफर हुआ, तो श्योपुर के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली, लेकिन शिवपुरी के अधिकारी-कर्मचारी टेंशन में आ गए। चूंकि दोनों जिलों के बीच दूरी भी अधिक नहीं है, तथा अधिकारी के आने से पहले सरकारी विभागों के बाबू पहले ही मोबाइल पर अधिकारी की कार्यप्रणाली अपने जैसे बाबुओं से पूछ लेते हैं। शिक्षा विभाग के मुखिया ने शायद इस बात पर गौर नहीं किया, इसलिए पहला नोटिस उनके नाम ही जारी हुआ।
पूर्व कलेक्टर को भी बच्चे मिले थे, शिक्षक गायब
पूर्व शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने भी जाने से पूर्व आखिरी निरीक्षण पिछोर के शासकीय स्कूल का किया था। वहां बच्चे तो मिले, लेकिन शिक्षक गायब थे। इतना ही नहीं बच्चों ने भी बताया था कि शिक्षक जब कभी ही आते हैं।







