March 17, 2026
मेडिकल कैंप बना मरीजों के लिए मजाक, पत्रकार वार्ता में भी जवाब नहीं दे पाए शिविर संचालक

मेडिकल कैंप बना मरीजों के लिए मजाक, पत्रकार वार्ता में भी जवाब नहीं दे पाए शिविर संचालक
एमआरआई कराने भटकते रहे मरीज, सरकारी अस्पताल वाली दवाएं उपलब्ध, बाजार की दवाई घर भेजने की बात बोले सीएमएचओ

शिवपुरी। जिला मुख्यालय शिवपुरी पर मंगलवार 17 मार्च से रोटरी क्लब एवं माधवराव सिंधिया ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर शुरू हुआ। उदघाटन के दौरान जो हवा हवाई दावे किए गए, उनकी हवा शिविर शुरू होते ही निकल गई। मरीज एमआरआई कराने भटकते रहे, दवाओं के नाम ओर जिला अस्पताल में मिलने वाली ही मेडिसन दी जा रही थी। पत्रकार वार्ता में जब शिविर संचालकों से सवाल किए तो वो बगले झांकते नजर आए।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर लगाए गए इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उन लोगों को ही लाभ मिला है, जिन्हें ट्राइसिकल या कोई दिव्यांगता वाला उपकरण मिला। हालांकि गुना में तो दी गई ट्राइसाइकिल का पहिया 500 मीटर चलने के बाद ही टेडा हो गया था। आज शिवपुरी में शिविर का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ही के दिया था। आज शिविर शुरू होने के साथ ही मरीजों के भटकने का क्रम शुरू हो गया। न्यूरोलॉजी के अधिकांश मरीजों को एमआरआई कराने के लिए डॉक्टर ने पर्चे पर लिख दिया। यह जांच एकमात्र प्राइवेट में होने की सुविधा है। जिसमें पिछले 73 एमआरआई करने का आंकड़ा भी जिम्मेदारों ने से दिया, जबकि एक एमआरआई में आधा घंटा लगता है। सच्चाई यह है कि एमआरआई जांच का पर्चा लेकर मरीज भटकते रहे।

पत्रकार वार्ता में जवाब की जगह सुझाव लिए

मंगलवार की शाम 4:30 बजे शिविर स्थल के पास ही पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें रोटरी क्लब एवं माधवराव सिंधिया ट्रस्ट के लोग शामिल थे। ट्रस्ट वाले तो मुंह पर हाथ धरे बैठे रहे, जबकि रोटरी क्लब के पदाधिकारी हर सवाल पर सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर की तरफ देख रहे थे।

इन सवालों का नहीं था जवाब:

– आपने ब्रांडिंग तो दिल्ली-मुंबई के डॉक्टरों की कर दी, लेकिन वो दवा जो लिख रहे हैं, वो यहां उपलब्ध नहीं है। जो दवाएं दी जा रही हैं, वो तो जिला अस्पताल में भी मिलती हैं। सीएमएचओ बोले कि जो बाजार की दवा है, उसे हम खरीद कर मरीज के घर भिजवा देंगे। यह कहकर वो भी मुस्कुरा दिए।
– एमआरआई का जो आंकड़ा दिया जा रहा है, वो तो एकमात्र मशीन से इतने कम समय में हो नहीं पाएगी। मरीज भटक रहे हैं, कि यह जांच कहां पर करवाएं। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव बोले कि हम आपके सुझाव पर काम करेंगे।
– कुल मिलाकर यह शिविर आंकड़ों की बाजीगरी दिखाने के लिए लगाया गया है। बाद में लाखों मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिए जाने का एक बड़ा आंकड़ा पेश किया जाएगा।

मेडिकल कैंप बना मरीजों के लिए मजाक, पत्रकार वार्ता में भी जवाब नहीं दे पाए शिविर संचालक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page