
खुद को शिशु बताकर भावनाओं से जोड़ा, फिर बताई मौके पर ही कैसे निपटाई समस्या, गिनाए जनता के लिए काम
गुना में क्रिटिकल यूनिट उदघाटन में बोले सिंधिया: इसमें मिलेगी इंदौर व दिल्ली जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं, जबकि शिवपुरी में नहीं ला पा रहे कार्डियोलॉजिस्ट
गुना में आयोजित केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जब मैं शिशु था, तब आप लोगों ने मुझे संभाला, हर एक का हाथ मेरे सिर पर था। उन्होंने कहा कि मैं भावनात्मक हूं, जबकि कहते हैं कि राजनीति में भावनाओं की कोई जगह नहीं होती।
मौके पर उनके द्वारा कराए गए काम बताए गए, जिसमें बरसों से अपनी गुम बेटी के लिए भटक रहे वृद्ध की लड़की को एसपी गुना ने 25 मिनट में ढूंढ निकाला, वो गुजरात में है, तथा कल पुलिस उसे लेने जाएगी।
सिंधिया ने बताया कि एक बहरा बुजुर्ग बरसों से भटक रहा था, कलेक्टर साहब ने वहीं पर कान वाली मशीन में बैटरी डालकर लगाई, तो वो सुनने लगा। एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति की बेटी को 25 हजार वाले इंजेक्शन की व्यवस्था विधायक व अन्य लोगों से करवाई।
इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि बरसों से लापता बेटी के पिता की सुनवाई पुलिस ने पहले क्यों नहीं की?, उस दिव्यांग को पहले ही श्रवण यंत्र क्यों नहीं दिया गया?, उस बेटी के पिता को कैंसर के इंजेक्शन उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
केंद्रीय मंत्री ने गुना में सीवर प्रोजेक्ट का ट्रीटमेंट प्लांट की बात कही, जबकि शिवपुरी में 8 साल पहले से बनकर तैयार ट्रीटमेंट प्लांट की मशीन जाम हो गई। सिंध जलावर्धन का शिवपुरी में क्या हाल है, यह शहर की जनता जानती है। लेकिन वो गुना को विकास के क्षेत्र में एक नक्षत्र की तरह चमकाने की बात भी केंद्रीय मंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि मैं 3-3 महीने एक विधानसभा को दे रहा हूं, जिसमें सबसे आखिरी में शिवपुरी आएगा।
सिंधिया ने गुना में क्रिटिकल यूनिट को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित बताया। वहीं पड़ोसी जिले यानि हमारे शिवपुरी में करोड़ों के मेडिकल कॉलेज लाखों रुपए की मशीन धूल खा रही हैं, क्योंकि उन्हें ऑपरेट करने वाले एक्सपर्ट नहीं हैं। दिल के मरीज को ग्वालियर ही ले जाना पड़ता है, समय पर पहुंच गया तो किस्मत उसकी है। दो बार सिंधिया के सामने शिवपुरी के डॉक्टर व मीडिया ने कार्डियोलॉजिस्ट का सवाल उठाया, लेकिन अभी तक नहीं मिल पाया।
मेडिकल कॉलेज के आने से शहर में प्राइवेट अस्पताल बहुत शुरू हो गए, जिनमें मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, और जूनियर डॉक्टरों से मेडिकल कॉलेज की सभी सेवाएं करवाई जा रही हैं।
खैर हमारी शुभकामनाएं हैं कि गुना नक्षत्र की तरह चमके






