March 16, 2026
दुकानों के मामले में नपा पर हाईकोर्ट कंटेप्ट की तैयारी, दुकान किराए के नाम पर अवैध वसूली

दुकानों के मामले में नपा पर हाईकोर्ट कंटेप्ट की तैयारी, दुकान किराए के नाम पर अवैध वसूली
पुराने बस स्टैंड की दुकानों में हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही नगरपालिका

शिवपुरी। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हो चुकी नगरपालिका शिवपुरी के खिलाफ कोर्ट ऑफ कंटेप्ट की तैयारी हो गई। नपा के जिम्मेदारों ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करते हुए दुकानदारों से अवैध वसूली की जिद पर नपा के जिम्मेदार अड़े हुए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन दुकानदारों के पक्ष में हाईकोर्ट ने फैसला दिया, उनके नाम भी चौराहे पर लटका कर नपा सीएमओ ने उनकी सार्वजनिक बेइज्जती करने का अपराध भी किया है।
ऐसे समझें पूरा मामला:
पुराने प्राइवेट बस स्टेंड के पास नगरपालिका की 27 दुकानों का एग्रीमेंट के समय 70 से 75 रुपए किराया तय किया था, जो बरसों से चला आ रहा था। नपा शिवपुरी ने उक्त दुकानदारों पर बकाया किराया नए रेट में वसूलने के लिए नोटिस जारी किए थे। इस मामले को लेकर दुकानदार हाईकोर्ट में अपने अभिभाषक अभय जैन के माध्यम से पहुंचे।

हाईकोर्ट ने तय किया 4 गुना किराया

एडवोकेट अभय जैन ने बताया कि हाईकोर्ट में दुकानदारों के मामले में सुनवाई करते हुए यह तय किया था कि पुराने एग्रीमेंट वाले किराए से 4 गुना अधिक किराया नगरपालिका जमा करवाए। जिसके लिए दुकानदार तैयार हो गए, क्योंकि चार गुना किराया लगभग 300 रुपए होता है, लेकिन नपा सीएमओ ने यह कहते हुए दुकानदारों को वापस कर दिया कि हमें तो 818 रुपए के हिसाब से बकाया किराया चाहिए। इस तरह नपा शिवपुरी ने हाईकोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन किया है।
आदेश माना नहीं, इज्जत चौराहे पर टांगी
दुकानदारों के पक्ष में हुए हाईकोर्ट के आदेश को नगरपालिका ने माना नहीं, तथा चौराहे पर लटकाई गई बकाया किरायेदारों की सूची में उन दुकानदारों के नाम भी जोड़ दिए, जिनके पक्ष में न्यायालय ने फैसला दिया।

यह बोले अभिभाषक:

शिवपुरी नपा ने बाजार में दुकानों के अलग अलग नए रेट तय किए हैं, जो गलत ह। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश चार गुना किराए को भी न मानते हुए उन दुकानदारों के नाम भी लटकाई गई सूची में लिख दिए गए। इसलिए अब हम नपा शिवपुरी के खिलाफ कंटेप्ट ऑफ कोर्ट लगा रहे हैं।
अभय जैन, एडवोकेट शिवपुरी

दुकानों के मामले में नपा पर हाईकोर्ट कंटेप्ट की तैयारी, दुकान किराए के नाम पर अवैध वसूली

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