
ऑफिसर कॉलोनी के आसपास 7 दिन पहले सड़क पर बनाए ब्रेकर, भरी दोपहरी हटाए
शिवपुरी में भटक रहा विकास, न जाने किसके आदेश पर ब्रेकर में लगाया गिट्टी डामर, फिर खोदकर लगाया किनारे ढेर
शिवपुरी। शहर में विकास के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर देखकर ऐसा लगता है कि मानो विकास भटक गया हो। इसका ताजा उदाहरण कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित ऑफिसर कॉलोनी के रास्ते में देखने को मिला।
ऑफिसर कॉलोनी में जाने का रास्ता कलेक्ट्रेट के पास से तथा जिला पंचायत कार्यालय के पास से है। ऑफिसर कॉलोनी में डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार के अलावा मजिस्ट्रेट भी निवास करते हैं। इस कॉलोनी में जाने वाली सड़क पर हर 20 कदम पर चार ऊंचे ब्रेकर बना दिए गए थे। ब्रेकर के नाम पर गिट्टी-डामर के दो ऊंचे टीलों पर दुपहिया वाहन अनियंत्रित हो रहे थे, जबकि चार पहिया वाहन में जोरदार झटके लग रहे थे।
इस रोड पर ब्रेकर किसके आदेश पर बनाए गए, यह किसी को पता नहीं है, लेकिन इस शॉर्टकट रास्ते से निकलने वाले ध्यान देकर ही सुरक्षित निकल पा रहे थे। ब्रेकर बने हुए अभी 7 दिन ही हुए थे कि बीते शुक्रवार की भरी दोपहरी में मजदूरों ने इन ब्रेकरों को गेंती फ़ाबड़े से खोदकर उसमें से निकला डामर गिट्टी समेट कर सड़क किनारे रख दिया। सूत्रों की मानें तो बड़े साहब की गाड़ी एक रात इस रोड से जब निकली, तो हर 20 कदम पर उन्हें जब झटके लगे, तो उन्होंने नाराज होकर यह ब्रेकर हटवा दिए।
इन सबके बीच बड़ा सवाल यह भी है कि शहर में कई प्रमुख अड़कों पर लोगों ने अपने प्रभाव और सुविधा के अनुसार ब्रेकर बनवा दिए, जबकि इन्हें बनाने का भी नियम होता है। शिवपुरी के विकास इस कदर भटका हुआ है कि कहीं भी विकास करके उसे फिर उखाड़ दिया जाता है।
क्या ब्रेकर बनाने में डामर-गिट्टी का मटेरियल नहीं लगा। जब इन्हें उखाड़ना ही था तो फिर बनाया क्यों गया?। जब ऑफिसर कॉलोनी वाली सड़क पर विकास के यह हालात हैं, तो शहर के दूसरे हिस्सों में स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।






