
सिलेंडर की होने लगी कालाबाजारी, इंडेक्शन की बढ़ने लगी मांग, विक्रेता बोले: डिमांड बढ़ना तय
गोदी मीडिया के दावों के विपरीत 1500 में बिकने लगा सिलेंडर, कलेक्टर ने तय किए लकड़ी के दाम
शिवपुरी। ईरान वर्सेस अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अभी तक गैस एजेंसियों पर दिख रहा था, वो अब इलेक्ट्रोनिक की दुकानों पर डायवर्ट होने लगा है। क्योंकि गैस का विकल्प इंडेक्शन है, जो बिजली से खाना बना देगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बिजली भी आती रहे, अन्यथा भूखे ही बैठना पड़ेगा, क्योंकि होटलों में भी खाना बंद हो गया। हालांकि चूल्हे पर खाना बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने आरा मशीन वालों की बैठक लेकर लकड़ी के दाम न बढ़ाए जाने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि जब ईरान से अमेरिका व इजरायल का युद्ध शुरू हुआ, तो यह मना जा रहा था कि 5- 7 दिन में ईरान का हिसाब किताब हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, बल्कि यह युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। इतना ही नहीं ईरान के जबावी हमले लगातार जारी हैं, क्योंकि पर्दे के पीछे से रूस और चीन उसे सहयोग कर रहे हैं। उधर युद्ध के दिन बढ़ते जा रहे हैं, इधर भारत में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। देश की गोदी मीडिया व वरिष्ठ नेता भले ही कह रहे हों कि सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि होटलों में खाना बंद हो गया, तथा चाट – पकोड़ी के ठेले वाले बेरोजगार हो गए। गुरुवार को महल कॉलोनी की गली में एक सिलेंडर वितरक 1500 रुपए में सिलेंडर ब्लैक में बेचने का वीडियो भी वायरल हुआ है।
शासन भले ही कुछ कहता रहे, लेकिन प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी। बीते गुरुवार को कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने आरा मशीन वालों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि कोई भी अधिक रेट में जलाऊ लकड़ी नहीं बेचेगा। जलाऊ लकड़ी 700 रुपए क्विंटल दाम तय किया है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में सहयोग की बात कही।
बढ़ने लगी इंडेक्शन की मांग
बाजार में इंडक्शन की मांग बढ़ने लगी है। ऑनलाइन इंडेक्शन की होने वाली बुकिंग बंद हो गई, क्योंकि माल खत्म हो गया। दुकानों पर भी खरीदार आने लगे हैं।
बिना जरूरत के कर रहे स्टॉक
सिलेंडरों की मारामारी की खबरों के बीच लोगों ने घर में सिलेंडर पर खाना बनाने के बाद शेष खाली सिलेंडरों को भी भरवा कर स्टॉक में रखने की कवायद शुरू कर दी, जिसके चलते भी समस्या बढ़ रही है।






