
गांधी पार्क में लग रहे मेले को हटवाने के लिए ओबीसी महासभा ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन, शनिवार को होगा प्रदर्शन
मेला ठेकेदार पर अपराधिक मामले हो चुके हैं दर्ज, नपा सीएमओ ने पुलिस वेरिफिकेशन की शर्त हटवाई
शिवपुरी। एक तरफ जहां देश में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवा खिलाड़ियों से लेकर किशोरों में क्रिकेट का जुनून सवार है, वहीं दूसरी ओर नगरपालिका शहर के गांधी पार्क खेल मैदान में मेला लगवा रही है। मेले के खिलाफ गुरुवार को ओबीसी महासभा ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर मेला गांधी पार्क से हटवाने की मांग की है। यदि प्रशासन ने शनिवार तक कोई एक्शन नहीं लिया, तो शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ओबीसी महासभा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जिस शख्स को मेले का ठेका दिया है, उसने वर्ष 2024 में सिद्धेश्वर मेला लगाया था, जिसमें आधा दर्जन बार मारपीट के मामले फिजिकल थाने में दर्ज हुए। मेला ठेकेदार के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज होने के साथ ही अवैध शराब का मामला भी दर्ज हुआ था।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेले में होने वाले विवादों के चलते ही मेले की शर्तों में मेला ठेकेदार का पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक किया गया था। नपा सीएमओ ने मेले का ठेका उक्त ठेकेदार को देने में न जाने क्यों इतनी दिलचस्पी दिखाई कि उन्होंने पुलिस वेरिफिकेशन की शर्त ही हटा ली। चर्चा तो यह भी है कि नपा का किराया देने के अलावा अलग से बड़ी सेवा शुल्क दी गई है।
ओबीसी महासभा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गांधी पार्क से मेले का सामान नहीं हटवाया गया तो आमजन एवं खिलाड़ियों के साथ मिलकर ओबीसी महासभा शनिवार को विरोध प्रदर्शन करेगी, जिसकी जवाबदारी प्रशासन की होगी।
स्टे पर डटे सीएमओ कर रहे नपा में मनमानी
शिवपुरी नगरपालिका के सीएमओ इशांक धाकड़ नपा में हुए भ्रष्टाचार के मामले में सस्पेंड कर दिए गए थे। कुछ दिन घर बैठने के बाद इशांक जबलपुर हाईकोर्ट से स्टे ले आए, जबकि विधि के जानकारों का कहना है कि प्रदेश के जिलों को भी सीमा क्षेत्र के मुताबिक अलग- अलग हाईकोर्ट निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार शिवपुरी का हाईकोर्ट ग्वालियर लगता है, लेकिन सीएमओ ने न्यायालय को भ्रमित करके जबलपुर हाईकोर्ट से स्टे लिया है, जो विधि अनुसार गलत है।







