
ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने आए किशोरों ने बनाया सोशल मीडिया पर गैंगस्टर, 302 व 307 नाम के ग्रुप
कोतवाली पुलिस को पता लगते ही टीआई ने बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर दी समझाइश, डिलीट करवाए ग्रुप
शिवपुरी। गांव में रहने वाले माता-पिता ने अपने जिन बच्चों को पढ़ने और भविष्य बनाने के लिए शिवपुरी शहर में किराए के मकान दिलवाए, वो किशोर क्या कर रहे हैं, यह जब पुलिस को पता चला तो वो भी हतप्रभ रह गई। क्योंकि इन किशोरों ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टर, 302 व 307 नाम से ग्रुप बनाए हैं। हर ग्रुप में 35 से 40 लड़के जुड़े हुए हैं।
कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि जब हमें सोशल मीडिया पर यह ग्रुप देखे, तो उन्होंने ग्रुपों के एडमिन सहित अन्य लड़कों को उनके अभिभावकों सहित बुलाया। चूंकि गैंगस्टर मुंबई में बदमाशों की टोलियां हुआ करती थीं, जबकि 302 (हत्या की धारा) एवं 307 (हत्या के प्रयास की धारा) होती है। इनके ग्रुप के नाम से ही ऐसा लग रहा है कि यह बदमाशों का ग्रुप है। टीआई ने बताया इसमें जुड़े लड़के कुछ स्थानीय हैं, तो कुछ ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने आए लड़के हैं। इन ग्रुपों को बनाने के पीछे एक उद्देश्य यह भी रहा है कि ग्रुप के किसी लड़के का कहीं कोई विवाद हो जाए, तो एक मेसेज पर पूरा ग्रुप मौके पर पहुंचकर अपना रोल अदा करे।
पढ़ने वाले बच्चों के ऐसे मंसूबों को देखकर खुद टीआई भी हतप्रभ रह गए। उन्होंने लड़कों व उनके अभिभावकों को समझाइश दी कि यह उम्र पढ़ने लिखने की है। इस समय का सदुपयोग कर लोगे तो भविष्य में कुछ कर जाओगे, अन्यथा इस तरह के कामों में खुद भी परेशान रहोगे और परिवार के लिए परेशानी बढ़ाओगे। टीआई ने अभी ग्रुपों के एडमिन को बुलवाकर उनसे डिलीट करवाए, साथ ही चेतावनी दी कि यदि फिर इस तरह के ग्रुप बनाए तो कार्यवाही की जाएगी।






