
अदाणी की 2500 करोड़ की फैक्ट्री के साथ सीएम भी शिवपुरी को दे गए 2 हजार करोड़ की सौगात
मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी यूनिट की घोषणा, शहर में 14 किमी बनेगी फोरलेन, टूटेंगे कई निर्माण
शिवपुरी। अदाणी ग्रुप ने शिवपुरी को 2500 करोड़ की हथियार फैक्ट्री की सौगात दी, तो प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी लगभग 2 हजार करोड़ के कामों की घोषणा कर दी। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट यूनिट के अलावा 14 किमी का फोरलेन बनाने की बात भी सीएम ने कही। सीएम ने यह घोषणा रविवार को शिवपुरी शहर के पोलो ग्राउंड में की, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि शिवपुरी के पाली में अदाणी ग्रुप की 2500 करोड़ रुपए लागत से बनने वाली हथियारों की फैक्ट्री का भूमिपूजन आज किया गया। जिसमें शामिल होने को आए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन की मांग को मानते हुए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में कार्डियक यूनिट शुरू करने का अलावा 200 बिस्तर का मातृ शिशु अस्पताल की भी घोषणा कर दी। इसके अलावा ग्वालियर नाके से गुना नाका से होते हुए आईटीआई एवं ग्वालियर नाके से सर्कुलर रोड, भूत पुलिया, टूरिस्ट विलेज तक 14 किमी की फोरलेन की घोषणा भी कर दी। इस फोरलेन निर्माण में शहर के कई निर्माण तोड़े जाने की नापतौल पहले ही हो चुकी है। इसके अलावा सुभाषपुरा को तहसील, खोड में महाविद्यालय, कोलारस के खतौरा में सांदीपनि स्कूल के अलावा करेरा को भी सौगात देकर गए हैं।
इन घोषणाओं के बीच बड़ा सवाल यह भी है कि जब मेडिकल कॉलेज में एक कार्डियोलॉजिस्ट नहीं मिल पाया, तो फिर यूनिट खुल पाएगी, इसमें संशय है। बाकी जब सीएम ने घोषणा की है, तो वो पूरी होगी, यह माना जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री की मांगों को माना सीएम ने::
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्र सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए जिन मांगों को सीएम के समक्ष रखा, उन सभी को मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए घोषणाएं की। जिसके चलते सिंधिया ने कहा कि अदाणी ग्रुप ढाई हजार करोड़ की फैक्ट्री लगा रहा है, तो सीएम ने भी शिवपुरी को 2 हजार करोड़ की सौगात दी हैं। इस मौके पर अदाणी ग्रुप के करन अदाणी एवं जीत अदाणी भी मौजूद रहे।
सीएम बोले बजाओ ताली, श्रोता किराए के::
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हर मांग पर वहां मौजूद जनता से पूछा कि क्या मैं यह मांग पूरी कर दूं, तो जनता शांत, जब वो हर मांग की घोषणा पर बोले कि बजाओ ताली, तो भी जनता चुप। इसकी मुख्य वजह यह रही कि जो लोग कुर्सी भरने को ढोकर लाए गए थे, उन्हें पता ही नहीं था कि क्या हो रहा है। वो तो केवल भीड़ बढ़ाने को आए थे, इसलिए सौगात मिले या नहीं, उनकी बला से। यही वजह रही कि हर बार बजाओ ताली कहने के बाद भी नहीं बजीं तालियाँ।







