
दो यात्री बसों में लगी आग, 4 साल का मासूम जिंदा जला, गर्मी का असर या फिर कागजी फिटनेस का परिणाम
बीती रात मक्सी के पास आग का गोला बनी इंटरसिटी बस, आज दोपहर सिकरवार बस से निकला धुआं
शिवपुरी। बीती रात से लेकर शनिवार (आज) दोपहर के बीच दो यात्री बसों में आग भड़क गई। जिसमें एक 4 साल का मासूम जिंदा जल गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि को बच्चा आग का गोला बनी बस के अंदर रह गया, उसके माता-पिता बाहर खड़े होकर दूसरे लोगों का सामान निकलवा रहे थे। यात्री बसों में लगने वाली आग के पीछे इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी है, या फिर परिवहन विभाग से बिना वाहन की जांच किए फिटनेस सर्टिफिकेट देना, मुख्य कारण है..?
गौरतलब है कि इंदौर से शिवपुरी आने वाली इंटरसिटी वीडियोकोच को रात में मक्सी के पास चाय नाश्ते के लिए रोका गया। बस रुकने के बाद लगभग 90 फीसदी यात्री नीचे उतर आए थे, लेकिन 4 साल का मासूम अनय जैन बस में ही सोता रह गया, जबकि उसके माता-पिता बस से नीचे उतर आए थे। खड़ी बस में एकाएक धुआं निकलने लगा, तो यात्री चाय नाश्ता छोड़कर अपने सामान व जो लोग बस में रह गए थे, उन्हें उतारने के लिए बस की तरफ लपके। इस आपाधापी में उस मासूम का ध्यान किसी ने नहीं किया, और देखते ही देखते यात्री बस आग का गोला बन गई। बाद में जब यात्रियों ने साथ वालों का पता किया तो मालूम चला कि अनय बस में ही रह गया था। काफी देर बाद बस की आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक वो सिर्फ कबाड़ा ही रह गई थी। बाद में अनय के पिता ने यह आरोप लगाया कि बस जब रुकी तो उसमें जलने की गंध आ रही थी, जिसे बताने के लिए ड्राइवर को ढूंढा, लेकिन वो नहीं मिला।
सोशल मीडिया के इस दौर में देश के किसी भी हिस्से में हुई घटना की जानकारी बहुत जल्दी लग जाती है। इसलिए रात में लगी बस में आग की जानकारी भी शिवपुरी तक आ गई। जिसके चलते जो लोग यात्री बस में सफर कर रहे थे, वो बस में होने वाली गतिविधि पर विशेष नजर रख रहे थे। यही वजह है कि आज दोपहर लगभग 1 बजे शिवपुरी से ग्वालियर जा रही सिकरवार बस में धौलागढ़ के पास जैसे ही हल्का धुआं उठा, तो यात्रियों ने बस रुकवा कर नीचे की तरफ दौड़ लगा दी। हालांकि इस यात्री बस में कोई शॉर्ट सर्किट होने की वजह से हल्का धुआं निकला था। इन दो घटनाओं के बाद यात्री बसों में सफर करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
आगजनी का कारण स्पष्ट नहीं:
यात्री बसों में लगी आग के पीछे कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। यदि गर्मी को कारण माना जाए, तो जो यात्री बस आग का गोला बनी, वो रात का समय था। इसके पीछे दूसरा बड़ा कारण अनफिट बसों को अपना कमीशन लेकर फिटनेस का सर्टिफिकेट का प्रमाण पत्र देने वाला परिवहन विभाग है। स्थिति यहां तक बिगड़ी हुई है कि दलालों के माध्यम से बिना वाहन को दिखाए ही फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकता है।








