
बाबू दबा गया लैटर, साहब की टंग गई लालटेन: मामला सीएमएचओ को निलंबित करने का
सुनने में आया स्वास्थ्य विभाग का रोचक मामला, जिसमें कोर्ट आदेश की अवहेलना में फंसे डॉ. ऋषिश्वर
शिवपुरी। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की कुंडली मार कर बैठे बाबू किसी की भी लालटेन टंगवा देते हैं। ऐसा ही कुछ शिवपुरी सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर के साथ भी हुआ और उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाकर आयुक्त धनराजू एस ने निलंबित कर दिया। निलंबन लैटर तो सोशल मीडिया पर दिखे, लेकिन कारण किसी को समझ नहीं आ रहा था। डॉ. ऋषिश्वर ने फोन रिसीव नहीं किया। अपने सूत्रों से जो स्टोरी सामने आई, वो भी कम रोचक नहीं है।
तो यह सामने आई कहानी:::
रामप्रताप सिंह भदौरिया स्वास्थ्य विभाग में शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को जागरूक करने का पद था। बताते हैं कि उनकी नियुक्ति 1972 के हुई, लेकिन वो 1992 में नौकरी पर आए। उसके बाद वो 2017- 18 में रिटायर हो गए। विभाग के बाबुओं सहित भोपाल तक इस बात पर चर्चा होती रही कि पेंशन 1972 से बनेगी या 1992 से। इस बीच भदोरिया हाईकोर्ट चले गए, जहां से निर्णय भदोरिया के पक्ष में आया, जिसका पालन सीएमएचओ शिवपुरी को करना था। सूत्रों का तो यह भी कहना है कि मिलने वाली राशि में से कमीशन के फेर में आने वाले पत्रों को बाबूजी दबा गए, तथा हाईकोर्ट लगातार तारीख देकर बुलाता रहा। जब मामला आयुक्त तक पहुंचा, तो उन्होंने इसमें डॉ. ऋषिश्वर को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया।
अधिकारी बदले तो यह भी हुआ
कुछ समय पूर्व तक शिवपुरी में कलेक्टर रविंद्र चौधरी थे, तथा स्वास्थ्य विभाग में आयुक्त भी पूर्व कलेक्टर तरुण राठी थे। दोनों अधिकारियों से सीएमएचओ की ट्यूनिंग अच्छी थी। सजा मिलती तो एकाध वेतन वृद्धि रुकने की…!







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