
राजनीतिक शून्यता के बीच कुछ भी चल रहा शिवपुरी जिले में: वरिष्ठों पर हावी अधीनस्थ, मनमानी पर उतारू
प्रशासन में कलेक्टर के आदेश को हवा में उड़ा रहे सीएमओ, राजस्व अधिकारी बने टीआई, कलेक्टर की जांच के बाद अलग से कर रहे जांच
शिवपुरी। पिछले लगभग 2 साल से शिवपुरी जिला एक बड़े राजनीतिक शून्यता के दौर से गुजर रहा है। जिसके चलते हालात इतने अधिक खराब हो चुके हैं कि अधीनस्थ कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारी की बातों को अनसुना कर रहे हैं। पहले जब यशोधरा राजे सिंधिया विधायक व केबिनेट मंत्री थीं, तब तक पूरा प्रशासनिक अमला कसावट में रहता था, लेकिन अब हालात इतने खराब हैं कि आमजन की कहीं सुनवाई नहीं है।
शिवपुरी के नेताओं पर यदि गौर करें, तो वर्तमान में प्रदेश स्तर पर बात करें तो मंत्री के नाम पर प्रभारी मंत्री हैं, जो आधी रात को निरीक्षण के लिए निकलते हैं, बाकी समय उनके भजन के वीडियो चलते हैं। हर बार आते हैं, और शिवपुरी शहर की जनता को सब्जबाग दिखाकर चले जाते हैं। उनके साथ एक और महत्वपूर्ण बात रहती है कि उनके साथ जिले के वरिष्ठ अधिकारी नहीं रहते, वो तो अपने आयातित नेताओं के साथ सर्द रातों में लोगों के घर का दरवाजा खटखटाते हैं, और लोगों के निकलने पर पूछते हैं, कि सब कुछ ठीक है ना?, मैं महाराज की तरफ से आपके पास आया हूं।
विधायक जो बने हैं, वो तेंदूपत्ता कारोबार सहित अपने अन्य कार्यों में व्यस्त हैं। शहर की जनता को अधिकांशतः नगरपालिका से संबंधित आती हैं, तो विधायक उसे नरक पालिका कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। वैसे अपने नजदीकियों के काम तो वो करवा लेते हैं।
शिवपुरी नपाध्यक्ष का अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिसने उन्हें नगर का प्रथम नागरिक बनाया, जब वो उन्हें भूल गईं, तो फिर जनता का नेतृत्व तो अचानक ही मिल गया।
कागजों में मेले की प्रक्रिया, धरातल पर शुरू
शिवपुरी के गांधी पार्क में पहले तो सीएमओ बिना विज्ञप्ति टेंडर के अपनी गारंटी पर मेला लगवा रहे थे। कलेक्टर ने जब एसडीएम से पता करने को कहा, तो मालूम पड़ा कि बिना किसी विज्ञप्ति के बाला बाला ही खेल मैदान को मेला ग्राउंड बना रहे थे। पोल खुलते ही सीएमओ ने मेले की विज्ञप्ति जारी करवाई। अभी कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, लेकिन ठेकेदार ने मेला शुरू कर दिया। इस मेले के बाद शिवपुरी का बरसों पुराना पारंपरिक सिद्धेश्वर मेला खत्म ही हो जाएगा।
कोर्ट रोड के अस्पताल चौराहे पर जाम
शिवपुरी शहर के मुख्य बाजार कोर्ट रोड पर अस्पताल चौराहे के पास बने मॉल की बेसमेंट में पार्किंग न होने से गाड़िया सड़क के बीच तक खड़ी होने से शाम होते ही यहां ट्रैफिक जाम हो जाता है। यह नजारा सभी जिम्मेदारों की नजर में है, लेकिन कहें किससे?, सुनेगा कौन? ऐसे समय में पूर्व केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे की याद आती है।






