
सिकंदरा बैरियर पर बस स्टाफ के साथ मारपीट के बाद लगा 6 घंटे का जाम, फंसे रहे हजारों यात्री व एक सैकड़ा ट्रक
प्राइवेट कटर पहुंचे जेल तो अब आरटीओ स्टाफ ने शुरू की दादागिरी, बस स्टाफ की आंख में चोट लगने पर 1 लाख देने की पेशकश भी चर्चा में
शिवपुरी। मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित सिकंदरा बैरियर पर सोमवार की रात 1 बजे यात्री बस स्टाफ से आरटीओ कर्मचारियों द्वारा मारपीट कर दी गई। जिसमें बस स्टाफ की आंख में चोट लग गई। आरटीओ स्टाफ द्वारा की जा रही मनमानी के विरोध में बस स्टाफ ने हाइवे पर जाम लगा दिया। रात 1 बजे से लगा जाम सुबह 7 बजे जब आईपीएस आयुष जाखड़ मौके पर पहुंचे, तब खुल सका। दिनारा पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सरकार ने भले ही बैरियर बंद कर दिए हों, लेकिन शिवपुरी के सिकंदरा बैरियर पर अवैध वसूली अभी भी जारी है। बीते सप्ताह इसी वसूली के फेर में पूर्व प्राइवेट कटर अनिल उर्फ बल्लू यादव ने अपने साथियों के साथ महिला प्रभारी सुमन दीक्षित व उनके स्टाफ के साथ मारपीट कर दी थी। जिसमें पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
प्राइवेट कटर का ब्रेकर हटने के बाद अब आरटीओ स्टाफ ने वसूली शुरू कर दी। बीती रात लगभग 1 बजे तीर्थयात्रा से वापस आ रही उदयपुर राजस्थान की बस को आरटीओ स्टाफ ने रोक लिया। अवैध वसूली को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें बस स्टाफ की आंख में चोट लग गई। आरटीओ विभाग की इस अवैध वसूली एवं गुंडागर्दी के खिलाफ बस स्टाफ सहित इसमें सवार तीर्थयात्रियों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। रात 1 बजे से लगे जाम में लगभग दो दर्जन वीडियोकॉच में सवार हजारों यात्रियों सहित सैकड़ों ट्रक हाइवे पर खड़े रहे ।
बताते हैं कि आरटीओ प्रभारी सुमन दीक्षित ने इस दौरान बस स्टाफ की आंख में लगी चोट के बदले 1 लाख रुपए देकर मामले को सुलटाने की पेशकश भी की। लेकिन उनकी यह बात सुनकर तीर्थयात्री बोले कि हम चंदा करके 3 लाख रुपए दे रहे हैं, तुम अपनी आंख फुटवा लो। सूचना मिलने पर एसडीओपी आयुष जाखड़ (आईपीएस) सहित दिनारा थाना प्रभारी ने मौके पर जाकर जब अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई, तब सुबह 7 बजे जाम खुल पाया।
राजस्थान की बसों से करते हैं वसूली
सिकंदरा बैरियर पर आरटीओ स्टाफ एमपी की गाड़ियों को कम टच करते हैं। लेकिन राजस्थान की गाड़ियां उनके निशाने पर रहती हैं। उक्त बस भी राजस्थान की हो थी। जिसे रोक कर मारपीट की गई।






