
नशे के खिलाफ आमजन की भागीदारी जरूरी, नशा कर रहा युवकों का जीवन खराब, परिवार हो रहे कंगाल
नशा करने वालों के परिजनों से लेकर मोहल्ले व बस्तियों में रहने वाले लोगों को नशा बेचने वाले पता हैं, तो फिर जिम्मेदार अंजान क्यों?
शिवपुरी। नशे के खिलाफ पुलिस की कार्यवाही यदा-कदा होने के साथ ही स्मैक भी पकड़ी जा रही है। बावजूद इसके शिवपुरी शहर सहित जिले में स्मैक का नशा कम होने के बजाए इस हद तक बढ़ गया है कि नशे की गिरफ्त में आए युवकों के परिजन उन लोगों की सार्वजनिक पिटाई करने से भी नहीं चूक रहे, जो नशे की खेप बेच रहे हैं।
बीते मंगलवार की शाम इमामबाड़ा पुरानी शिवपुरी का रहने वाला शिवम जब कमलागंज पुलिया के पास से गुजर रहा था, तभी पुरानी शिवपुरी निवासी ज्योति व उसके साथ आये लड़के ने शिवम को पकड़ लिया। इसके बाद ज्योति ने पहले थप्पड़ और फिर चप्पलों से मुंह सुजा दिया। इस दौरान ज्योति जो बात बोल रही थी, उसे सुनकर वहां खड़ी भीड़ में से कोई शिवम को बचाने नहीं आया। ज्योति का कहना था कि यह और इसके साथी मेरे भाई को नशा बेचते हैं। मेरा भाई नशे का इतना आदी हो गया है कि वो घर का सामान चुराने लगा है।
चूंकि ज्योति ने तो नशे के सौदागर की सरेराह फिल्म बना दी, लेकिन वहां मौजूद लोगों की भीड़ में शामिल कई ऐसे लोग भी थे, जो अपने परिवार के किसी सदस्य को लगी नशे की लत से परेशान है। यही वजह है कि शिवम की अच्छी तरह से धुलाई करने के बाद ज्योति व उसका साथी वहां से चले गए, और तमाशबीन बने लोग भी चर्चा करते हुए अपने घरों को चले गए।
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर स्मैक का सबसे बड़ा और पुराना गढ़ पुरानी शिवपुरी है। इसके बाद कमलागंज पुलिया, पीएसक्यू लाइन, नवाब साहब रोड, फतेहपुर, मनियर, लालमाटी क्षेत्रों में सबसे अधिक स्मैक बिक रही है, तथा वहां रहने वाले लोग यह भी जानते हैं कि इस कारोबार को कौन लोग कर रहे हैं।






