
सिंध नदी में से रास्ता बनाकर निकाल रहे पत्थर से भरे ट्रक, फॉरेस्ट के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी रास्ता यथावत
इसी रास्ते से खैर की लकड़ी के माफिया अनूप यादव ने निकाले थे दो ट्रक, रास्ते के दोनों तरफ भरा है सिंध का पानी
शिवपुरी। जिले की सतनबाड़ा सब रेंज में ग्राम एरावन धमकन के पास सिंध नदी में से रास्ता बनाकर अवैध उत्खनन कर पत्थर निकाला जा रहा है। यह रास्ता खनन माफिया अमन पवैया एवं वीरेंद्र वैस द्वारा बनाया गया है, जहां से होकर ही खैर तस्कर अनूप यादव के लकड़ी से भरे ट्रक निकले थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि फॉरेस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि हम उस रास्ते को नष्ट करवा देंगे, लेकिन उनके अधीनस्थ ही यह रास्ता ग्रामीणों द्वारा बनाए जाने की बात कहकर खनन माफिया को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि नरवर के ग्राम एरावन धमकन के पास से होकर मड़ीखेड़ा पॉवर जनरेशन यूनिट से होकर निकलने वाला सिंध नदी का पानी बहता है। चूंकि बिजली बरसात के दिनों में बनती है, उस समय इस रास्ते से होकर पानी तेज फ्लो से निकलता है, तथा गर्मी के दिनों में पानी कम हो जाता है। बेचिराग गांव रायपुर की पहाड़ी पर इन दिनों पत्थर का अवैध उत्खनन करके ट्रकों से पत्थर इसी रास्ते से होकर निकाला जा रहा है। चूंकि पहाड़ी से अन्य कोई रास्ता बड़े ट्रक निकालने का नहीं है, इसलिए खनन माफिया ने सिंध के पानी का रास्ता कई डंपर मिट्टी डालकर बंद कर दिया, तथा उसके ऊपर से अवैध खनन का पत्थर पटिया एवं बोल्डर निकाले जा रहे हैं। सिंध नदी में बनाए गए इस रास्ते के पास ही अमन पवैया एवं वीरेंद्र का फार्म हाउस भी है, तथा इसी रास्ते के पास रेत का अवैध भंडारण भी रखा हुआ है।
रायपुर की पहाड़ी पर खैर का जंगल है, जिसे कटवाने के लिए खैर तस्कर अनूप यादव इस पहाड़ी पर गया था। पहाड़ी से खैर की लकड़ी के तीन ट्रक सिंध में बनाए गए इसी रास्ते से होकर निकाले थे। जिनमें से लगभग एक ट्रक लकड़ी फॉरेस्ट ने जब्त कर ली थी, तथा फॉरेस्ट एसटीएफ ने अनूप को घाटीगांव से पकड़ लिया था। उस दौरान पीसीसीएफ भोपाल एवं शिवपुरी सीएफ ने यह कहा था कि हम सिंध में बनाए गए रास्ते को नष्ट करवाएंगे, लेकिन वो रास्ता अभी भी यथावत बना हुआ है, तथा उस पर से पत्थर के ट्रक अभी भी निकल रहे हैं।
बोले डिप्टी रेंजर: ग्रामीणों ने बनाया रास्ता
पॉवर प्लांट के डिस्चार्ज वाला पानी गर्मियों में सूख जाता है, तथा कल्याणपुर सहित अन्य गांव के लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं। गर्मी के महीनों में निकलने के लिए ग्रामीणों ने वो रास्ता बनाया है। यह काम खनन माफिया का नहीं है।
सुनील सेन, डिप्टी रेंजर सतनबाड़ा







