
कृषि उपज मंडी पिपरसमा में किसानों के साथ भी हो रही ओपन लूट, 10 क्विंटल लहसुन में से 50 किलो लहसुन फ्री में लिया
प्रति मन (40 किलो) पर 2 किलो अतिरिक्त लहसुन लेने के साथ 2 प्रतिशत आड़त भी काटी
शिवपुरी। जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी के कर्मचारियों पर जहां फट्टे वालों से अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं, वहीं मंडी में किसानों से भी ओपन लूट हो रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अतिरिक्त फसल लेने के साथ आड़त की वसूली करके अन्नदाता की जेब को काटा जा रहा है।
कृषि उपज मंडी में 10 क्विंटल लहसुन लेकर गए कृषक दीपक धाकड़ ने बताया कि 40 किलो के कट्टे पर व्यापारी 42 फसल लेकर उसे 40 किलो लिख रहा था। इस तरह उसने 10 क्विंटल लहसुन दिया, लेकिन उसे भुगतान साढ़े 9 क्विंटल का किया गया। जब उसने प्रति मन 2 किलो अतिरिक्त लहसुन लिए जाने का कारण पूछा, तो उससे कहा गया कि यह तो लगता है। दीपक ने इस संबंध में जब मंडी प्रबंधन से बातचीत करने के लिए ऑफ़िस में जाकर देखा, तो कोई जिम्मेदार नहीं मिला, शायद वो लोग अपनी अवैध वसूली करने को निकल गए थे।
इसके बाद दीपक को जो साढ़े 9 क्विंटल का भुगतान किया गया, उसमें 2 प्रतिशत आड़त भी काटी गई। यानि एक किसान को 10 क्विंटल लहसुन जैसी फसल बेचने पर लगभग 3 हजार रुपए अतिरिक्त वसूल किए जाते हैं। अभी तो लहसुन आना शुरू हुई है, तथा इसके बाद सैकड़ों की संख्या में प्याज की ट्रॉलियां भी आने वाली हैं। इसी तरह यदि किसानों को लूटा जा रहा है, तो मंडी वालो की प्रतिदिन की अवैध वसूली का आंकड़ा कितना होता होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। शायद तभी तो मंडी सचिव की कुर्सी पर बैठने के लिए मोटी रकम खर्च की जाती है, ताकि ओपन अवैध वसूली करके किसानों के साथ लूट करो।
एक तरफ सरकार खुद को किसान हितैषी होने के जुमले सुनाते हुए नहीं थक रही, जबकि वो ही किसान खुलेआम मंडियों में लूट का शिकार हो रहा है। तथा इस लूट को अंजाम देने वाले भी कोई और नहीं, बल्कि सरकार द्वारा नियुक्त किए गए सरकारी कर्मचारी और अधिकारी ही है।








