
शिवपुरी शहर में नगरपालिका के ओपन भ्रष्टाचार की अप्रैल के बीच में ही सूख गई 5 करोड़ की तलैया
जल संरक्षण अभियान के तहत प्राचीन मनियर तालाब के लिए आई थी राशि, तालाब में हो गया अतिक्रमण, नपा ने सूखी तलैया संवारकर भरी अपनी जेब
शिवपुरी। शिवपुरी शहर में नगरपालिका ने 5 करोड़ रुपए का ओपन भ्रष्टाचार करके मुरम की अवैध खुदाई से बने गड्ढे को संवार दिया। शासन के जल संरक्षण अभियान के तहत शिवपुरी के प्राचीन मनियर तालाब के लिए आई राशि को जिस तलैया में नपा के जिम्मेदारों ने खर्च की, वो अप्रैल के मध्य में ही सूख गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि गर्मी के मौसम में लोग पानी के किनारे या फिर वाटर पार्क आदि घूमने जाते हैं, तो फिर नपा ने इस सुखी तलैया में मनियर तालाब के 5 करोड़ रुपए ठिकाने लगा दिए ।
भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात नगरपालिका शिवपुरी के पास मनियर तालाब के संरक्षण के लिए 5 करोड़ रुपए की राशि आई। वर्तमान में मनियर तालाब के आधे से अधिक हिस्से में कब्जा करके खेती की जा रही है, तथा किनारों पर मकान बनाकर इस तालब्बके अस्तित्व को मिटाने की तैयारी कर ली है। जिस तालाब के नाम पर इतनी बड़ी राशि आई, उसे नपा के कर्णधारों ने अवैध कर्म उत्खनन से बनी तलैया में खर्च दिखाकर अपनी जेब भर ली। पुराने कलेक्टर ने तो एक बार मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया था। फिर न जाने क्या हुआ कि कलेक्टर भी चुप्पी साध गए, तथा तलैया को संवारने एवं भुगतान की प्रक्रिया जारी रही।
नवागत कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सोमवार को मीडिया के समक्ष यह कहा था कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से किया जाएगा। तो क्या वो शिवपुरी के प्राचीन मनियर तालाब को बचाकर इस तलैया में भ्रष्टाचार करने वालों को दंडित करेंगे…?
18 में से 13 तालाब निगल चुके हैं भूमाफिया
शिवपुरी शहर की जब बसाहट हुई थी, तब वाटर लेबल को यथावत बनाए रखने के लिए शहर व उसके आसपास 18 तालाबों का निर्माण किया गया था। जिसमें पहला तालाब मनियर ही बनाया गया था। भूमाफिया 18 मे से 13 तालाब पहले ही निगल चुके हैं, अब जो 5 तालाब बचे हैं, उसमें से मनियर तालाब का अस्तित्व भी खतरे में डाल दिया है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया तो एक और तालाब भी खत्म हो जाएगा।






