
यह कैसी जनसुनवाई..?, फौजी देश की रक्षा करे या अपने घरवालों को सुरक्षित करे, 5 साल से मिल रहे आश्वासन
नरवर के करई में सार्वजनिक रास्ते पर बनाया घर, कलेक्टर दे रहे कब्जा हटाने का आदेश, नायब तहसीलदार नहीं हटा रहे
शिवपुरी। हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई का आयोजन किया जाता है। जिसमें न केवल जिला मुख्यालय बल्कि दूरदराज से परेशान लोग इस उम्मीद में आते हैं, कि उनकी सुनवाई हो जाएगी, लेकिन यहां होने वाली कार्रवाई के दो उदाहरण यह हैं
5 साल से सीढ़ी से रोका फौजी के घर का रास्ता:
कलेक्ट्रेट में शिकायत लेकर आए भटिंडा पंजाब में पदस्थ सेना के सूबेदार चंद्रकांत तिवारी ने बताया कि राजपुरा रोड अहीरपुरा पुरानी शिवपुरी में हमारा पुश्तैनी घर है, जिसके रास्ते में लोहे की सीढ़ी लगाकर घर जाने का आवागमन बाधित कर दिया। इस मामले की शिकायत पिछले 5 साल से चंद्रकांत तिवारी सीएम हेल्पलाइन से लेकर जनसुनवाई में 5 बार कर चुके हैं। कलेक्टर आवेदन पर सीएमओ के लिए लिख देते हैं, और सीएमओ घूम फिरकर लौट जाते हैं। फौजी तिवारी का तो यहां तक कहना है कि अब मैं 8 दिन की छुट्टी लेकर आऊंगा, और कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठूंगा। यह स्थिति है देश की रक्षा करने वाले फौजी की।
रास्ते में पहले भरी नींव, बेदखली आदेश के बाद बना लिया पूरा मकान
करेरा विधानसभा की नरवर तहसील के ग्राम करई में रहने वाले प्रवेश रावत और राजीव शर्मा भी तीसरी बार जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए। उनका कहना था कि सार्वजनिक शासकीय रास्ते पर कब्जा करके एक मकान की जब नींव खुद रही थी, तब हमने जनसुनवाई में शिकायत की थी। एक माह पहले इन ग्रामीणों के सामने ही कलेक्टर ने नायब तहसीलदार को फोन पर कब्जा हटाने के आदेश दिए। बेदखली का आदेश भी हुआ, लेकिन उसके बाद कब्जा तो नहीं हटा, बल्कि मकान बनाकर उसकी छत भी डाल ली। यानि प्रशासन जो आदेश दे रहा है, धरातल पर उसका उल्टा असर होकर कब्जा बढ़ता जा रहा है।






