
टूरिज्म को बढ़ाने के दावों को झटका: शिवपुरी का प्राचीन पर्यटन स्थल भूरा खो अघोषित बंद
अंडर गेटपास ब्रिज पर बनाई गई सर्विस रोड के गेटों पर लटकाए ताले, सैलानियों से दूर हुआ प्राकृतिक झरना
शिवपुरी। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर ग्वालियर रोड पर स्थित प्राचीन पर्यटन स्थल भूरा खो, अब अघोषित बंद हो गया। वन्यप्राणियों के लिए बनाए गए अंडर गेटपास ब्रिज के दोनों तरफ बनाई गई भूरा खो की सर्विस रोड के गेटों पर ताले लटका दिए गए। जिसके चलते अब सैलानी इस प्राचीन पर्यटन स्थल व प्राकृतिक झरने तक पहुंच ही नहीं पाएंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवपुरी को टूरिज्म हब बनाने के जो दावे किए जा रहे थे, वो धरातल पर्यटन स्थल बंद होने के रूप में सामने आ रहे हैं।
जिस शिवपुरी को कभी पर्यटन नगरी के नाम से जाना जाता था, उस नगरी में अब पर्यटन स्थल बंद करने के हालात निर्मित होते जा रहे हैं। सतनबाड़ा के पास नेशनल पार्क के अंदर स्थित प्राकृतिक झरना भूरा खो मौजूद था, जहाँ पर बड़ी संख्या में सैलानी परिवार सहित पिकनिक मनाने एवं पानी में अठखेलियां करने जाया करते थे। वन्यजीवों की सुरक्षा के दृष्टिगत जब अंडर गेटपास ब्रिज बनाया गया, तो उसके काफ़ी नीच भूरा खो पहुंच गया। लेकिन पर्यटन स्थल भूरा खो तक जाने के लिए ब्रिज के दोनों और सर्विस रोड बनाकर उसके दो गेट बनाए गए थे। इन गेटों के माध्यम से होकर सैलानी भूरा खो तक पहुंचा करते थे, लेकिन अब इन दोनों गेटों की रंगाई पुताई करवा कर उसमें ताले लटका दिए। जिस वजह से अब भूरा खो तक जाने का रास्ता ही बंद कर दिया गया।
जिस तरह से भूरा खो के प्राकृतिक झरने तक जाने का रास्ता बंद करके उसे सैलानियों की पहुंच से दूर कर दिया है, ठीक उसी तरह पर एक अन्य प्राकृतिक झरना भदैया कुण्ड को भी उसी हाल में पहुंचाने की तैयारी है। बाहर से आने वाले सैलानियों को इन प्राकृतिक झरनों के नाम से ही पर्यटन स्थल गिनाये जाते थे, लेकिन भदैया कुण्ड पर छाई गंदगी और अव्यवस्थाओं के चलते वो भी अब सैलानियों की पसंद से दूर होता जा रहा है।
हमारे क्षेत्र के नेता एक तरफ यह दावा करते हैं कि शिवपुरी को आधुनिक पर्यटन नगरी बनाएंगे, तो वहीं दूसरी ओर शिवपुरी के पर्यटन स्थल एक-एक करके बंद होते जा रहे हैं।






