
शिवपुरी में जिंदा तो दूर मृत लोगों के परिजन भी परेशान: वेतन न मिलने से स्वीपर ने पीएम करना किया बंद
18 घंटे तक दो बुजुर्गों के शव रखे रहे पीएम के इंतजार में, सिविल सर्जन ने किया सो घंटे में पीएम
शिवपुरी। मध्यप्रदेश का शिवपुरी वो जिला है, जहां जिंदा ही नहीं, बल्कि वो भी परेशान हैं, जो दुनिया छोड़ गए। शनिवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जब पीएम हाउस में रखे 2 बुजुर्गों के शवों का 18 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। इसकी मुख्य वजह यह है कि पीएम करने वाले को स्वीपर को 6 माह से वेतन न मिलने से उसने काम करना बंद कर दिया। तब मजबूरी में सिविल सर्जन पीएम करने के लिए आए, लेकिन उन्हें एक पीएम करने में 2 घंटे का समय लग गया।
शिवपुरी जिले में बीते शुक्रवार की शाम को दुर्घटनाओं में दो वृद्धजन बारेलाल (65) निवासी बरेला एवं पप्पू आदिवासी (60) नि. हिम्मतपुर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शाम 4 बजे से दोनों मृतकों के शव शिवपुरी के पीएम हाउस में रख दिए गए, लेकिन उनका पीएम शनिवार की सुबह 11 बजे तक नहीं हुआ। परिजन इंतजार कर रहे थे कि पोस्टमार्टम हो जाए, तो मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाए।
पीएम करने वाले नरेश वाल्मीक ने शनिवार की सुबह पीएम करने से मना कर दिया। नरेश का कहना था कि पिछले 6 माह से मुझे वेतन नहीं मिला है, तथा प्रति पीएम मिलने वाली राशि भी पिछले छह साल से नहीं मिली है। चूंकि पीएम तो स्वीपर करता है, डॉक्टर तो दूर खड़े होकर जांच करता है। डॉक्टर को प्रति पीएम 400 रुपए अलग से मिलते हैं, लेकिन स्वीपर को 40 रुपए प्रति पीएम के हिसाब से 6 साल से भुगतान नहीं किया गया। इतना ही नरेश ने अपनी समस्या का शिकायती आवेदन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित कलेक्टर को जनसुनवाई में भी दिया, लेकिन जब उसका वेतन नहीं मिला, तो उसने आज से लामबंद हड़ताल कर दी। पीएम में हो रही देरी की शिकायत जब परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव से की, तो सीएस खुद ही पीएम करने आ गए। चूंकि डॉक्टर दूर से पीएम देखता था, और आज खुद करना पड़ा, इसलिए किस पीएम में 15 मिनिट लगने थे, उसमें 2 घंटे लग गए।
शिवपुरी में बिगड़ रहे हालातों के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है..??

पीएम करने वाला नरेश, कामबंद हड़ताल पर







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