
शिवपुरी को राष्ट्रपति सम्मान व राजस्व के 7 लोगों पर एफआईआर करवाई, याद रहेगा चौधरी का कार्यकाल
100 किमी दूर से आ रहे शिवपुरी के नए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने की अवैध कालोनियों। पर कार्यवाही
शिवपुरी। बीते गुरुवार को हुए प्रशासनिक उलटफेर में शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी को भोपाल एवं श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी की कमान दी गई है।
शिवपुरी में एक लम्बा कार्यकाल गुजारने वाले रविंद्र चौधरी ने पीएम जनमन आवास योजना में सबसे पहले कॉलोनियां विकसित करके राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त किया। इसके अलावा उनके कार्यकाल में सबसे अधिक न केवल घोटाले उजागर हुए, बल्कि करेरा के जरगंवा में हुए जमीन घोटाले की उन्होंने विस्तृत जांच करवाकर नायब तहसीलदार, पटवारी, रीडर सहित 7 कर्मचारियों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में पुलिस एफआईआर दर्ज कराई। प्रशासनिक अमले पर उनका यह डर तो रहा कि यदि गलती पकड़ में आ गई, तो कोई रियायत नहीं मिलेगी। कलेक्टर चौधरी का सबसे बड़ा कार्य कलेक्ट्रेट को नया स्वरूप देने के साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कवर किया, जिसका परिणाम यह था था कि कलेक्ट्रेट में आग लगाने वाला भी पकड़ में आ गया था। हमारे साथ उन्होंने भुजरिया तालाब की सफाई में अहम भूमिका निभाई थी। कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी का कार्यकाल यादगार रहेगा।
शिवपुरी से 100 किमी दूर श्योपुर में पदस्थ रहे कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी की कमान सौंपी गई है। उन्होंने श्योपुर में रहते हुए अवैध कॉलोनी काटने वाले कालोनाइजरों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की थी। इसके अलावा उनका कोई ऐसा बड़ा काम श्योपुर के न्यूज पेज पर नजर नहीं आया। नवागत कलेक्टर को श्योपुर से शिवपुरी की दूरी तय करने में कई झटके लगेंगे, क्योंकि पोहरी-शिवपुरी रोड को नए सिरे से बनाने का काम चल रहा है।






