
सवालों पर निरुत्तर हुए प्रभारी मंत्री, मनरेगा का नाम बदलने का कारण भी नहीं बता सके
आए थे व्हीबी जी रामजी योजना की जानकारी देने, कह गए स्मार्ट मीटर का पैसा जनता से वसूल होगा
शिवपुरी। जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर रविवार की शाम व्हीबी जी रामजी योजना की जानकारी देने आए। मीडिया ने जब तर्कपूर्ण सवाल किए तो मंत्री निरुत्तर हो गए। महत्वपूर्ण बात यह है कि मंत्री पहली बार यह बोल गए कि स्मार्ट मीटर का शुल्क भी जनता से वसूल किया जाएगा।
प्रभारी मंत्री से पहले भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव ने व्हीबी जी रामजी योजना के बारे में बताते हुए कांग्रेस के विरोध को प्रोपेगंडा बताया। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने योजना की खुबिया गिनाना शुरू किया। इस दौरान जब उनसे तर्कपूर्ण सवाल किए गए, तो वे या तो चुप्पी साध गए, या फिर सवाल का जवाब ही उन्होंने बदल दिया।
कुछ सवाल, जिन पर निरुत्तर हुए मंत्री:
– योजना का नाम बदलने की बजाए उसमें हो रहीं गड़बड़ियों को ही सुधार लेते, महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा दिया गया?
प्रभारी मंत्री: मनरेगा में बहुत अधिक भ्रष्टाचार हुआ था, इसलिए उसे नए स्वरूप में नए नाम के साथ सरकार लाई है।
– प्रदेश में 21 साल से भाजपा की सरकार है, तो फिर क्या आपकी सरकार में भी इसमें भ्रष्टाचार होते रहे?
प्रभारी मंत्री: जवाब देने की बजाए बगले झांकने लगे।
– पहले मनरेगा में केंद्र का 90 प्रतिशत अनुदान था, जिसमें अब प्रदेश का 40 व केंद्र का 60 प्रतिशत के दिया, यदि प्रदेश सरकार कंगाल हो गई, तो यह योजना बंद ही हो जाएगी, क्योंकि मप्र की भाजपा सरकार पहले ही कर्जदार है?
प्रभारी मंत्री: कोई जवाब नहीं दे पाए।
– स्मार्ट मीटर लगाने की जरूरत क्यों है?, क्या मीटर की राशि उपभोक्ता से वसूली जाएगी?
प्रभारी मंत्री: स्मार्ट मीटर मोबाइल की तरह नया बर्जन है, जिसके कई फायदे हैं। स्मार्ट मीटर का शुल्क भी उपभोक्ता से वसूला जाएगा।
पत्रकार वार्ता की झलकियां:
मंच पर पहले 4 कुर्सी थीं, लेकिन नए बने पदाधिकारी आ जाने से कुर्सियां बढ़ती गई, और पूरा मंच ही भर गया।
– जैसे ही प्रभारी मंत्री से नगरपालिका का सवाल किया, तो वो हाथ जोड़कर बोले धन्यवाद।







