
सतनबाड़ा रेंज में फॉरेस्ट की जमीन पर कोलारस के नेताओं ने करवाई फेंसिंग, पट्टे के नाम पर कब्जे की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट ने सभी जमीन वापस वन विभाग को लेने का दिया आदेश, डीएफओ बोले: जिले में 13 हजार हेक्टेयर वन्भूमि पर कब्जा
शिवपुरी। जिले में भूमाफिया पूरी तरह से हावी हैं, और अब इस कारोबार में खादीधारी यानि नेता उतर आए हैं। सतनबाड़ा रेंज में लगभग 100 बीघा जंगल की जमीन पर कोलारस के कुछ सत्ताधारी नेताओं ने फेंसिंग करवा दी। जिसमें से कुछ फेंसिंग तो रेंजर ने जब्त कर ली, लेकिन अधिकारी उसे जांच में लटकाए हुए हैं।
सुभाषपुरा सतनबाड़ा भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रामनिवास धाकड़ ने 2 जुलाई 2025 को यह शिकायत की थी कि कुछ दबंगों ने फॉरेस्ट की 100 बीघा से अधिक जमीन पर फेंसिंग करके कब्जा कर लिया है, जिसे हटवाया जाय। इस कब्जे में जो जंगल किया है, उसमें खैर के पेड़ हैं। हालांकि शिकायत पर अभी कब्जा नहीं हटाया गया, स्थिति यथावत बनी हुई है।
इस संबंध में डीएफओ सुधांशु यादव का कहना है कि पहले उसका राजस्व विभागबके साथ संयुक्त सीमांकन किया गया था। हमारे रेंजर ने कुछ फेंसिंग जब्त भी की है, लेकिन अभी जांच के लिए वो मामला पेंडिंग है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन में भी उन्होंने जांच करके ही निर्णय करने की बात कही है। उनका कहना है कि जिले में लगभग 13 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा है।
यह दिया सुप्रीम कोर्ट ने फैसला:
एक रिट पिटीशन में सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2025 को एक आदेश जारी किया है। जिसके परिपालन में वन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन ने सभी कमिश्नर व कलेक्टर को 5 जून 2025 को एक आदेश जारी किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किसी भी वन भूमि में यदि किसी व्यक्ति या संस्था को राजस्व ने दिया है, उसे आदेश जारी होने के एक साल के अंदर उसे वापस वन विभाग में शामिल किया जाए।






