
सर्दी के मौसम में भी शिवपुरी शहर की जनता पानी के लिए परेशान, सिंध की सप्लाई में 5 दिन और बढ़ाए
विधायक नाप रहे जमीन, प्रभारी मंत्री भी दौरा करके निकल गए, नपाध्यक्ष भी निज स्वार्थ में उलझीं
शिवपुरी। सरकार का अमृतकाल चल रहा है और शिवपुरी शहर की जनता सर्दी के मौसम में पानी के लिए परेशान है। सिंध की सप्लाई 28 दिसंबर तक रोकी गई थी, लेकिन अब यह समयावधि 5 दिन के लिए और बढ़ा दी है। ऐसे में शहरवासी एक बार फिर प्राइवेट टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं, क्योंकि नपा के ट्यूबबेल भी अधिकांश बंद हैं या खराब हैं।
पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने आए, लेकिन इस दौरान उन्होंने न तो शहर की किसी समस्या पर चर्चा की, और ना ही रेप पीड़िता से मुलाकात की। मंत्री तो अपने कार्यक्रमों में शिरकत करके निकल गए। शहर की जनता ने बड़ी उम्मीदों से स्थानीय विधायक को यह सोच कर चुना था कि शहर की समस्याओं का निराकरण तो होगा, लेकिन वो भी जमीनों की नापतौल में जुटे हुए हैं, शहर की जनता पानी के लिए परेशान होती रहे तो उनकी बला से। नगरपालिका अध्यक्ष ने शहर का कितना विकास किया है, उसकी सच्चाई तो शहर की जनता बहुत अच्छी तरह से जानती है। शहर की समस्याओं से दूरी बनाकर नपाध्यक्ष अपनी समस्याओं को सुलझाने व कमीशन पर नजर बनाए हुए हैं।
जब जिम्मेदार नेताओं को ही शहर की जनता का ध्यान नहीं है, तो फिर नौकरशाही को ऐसी क्या पड़ी है कि वो सिंध की सप्लाई न आने से हो रही परेशानी को दूर करने में दिलचस्पी दिखाएं।
नगरपालिका सीएमओ भले ही इसी शहर के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने भी शहर में कुछ अच्छा तो नहीं किया, बल्कि उन्हें भ्रष्टाचार के मामले संलिप्त पाए जाने पर शासन ने निलंबित कर दिया। निलंबित होने के बाद शासन निर्णय के विपरीत वो कोर्ट से स्टे लेकर वापस शिवपुरी आ गए। नगरपालिका शिवपुरी में वापस आने के बाद भी सीएमओ ने उन्होंने शहर हित का कोई काम करने की बजाए अपने जमीन कारोबारी मित्रों का ही सहयोग करना शुरू कर दिया। जिसके चलते शहर की जनता अभी भी भगवान भरोसे ही है।
सिंध प्रोजेक्ट वैसे तो शहर की जनता को साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृत हुआ था, लेकिन वो भी अब चारागाह बनकर यह गया, तथा शहर की जनता सर्दी के मौसम में भी पानी के लिए परेशान हो रहा है।







