
रायता इतना फैल गया, कि केंद्रीय मंत्री का सपना कैसे होगा पूरा?, प्रभारी मंत्री ने भी दिया है आदेश
वार्डों में जा रहीं नगरपालिका अध्यक्ष को लोग गिना रहे थोकबंद समस्याएं, हालात अधिक खराब
शिवपुरी। शिवपुरी शहर को आधुनिक बनाने का दावा एक पखवाड़ा पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अधिकारियों की बैठक में किया था। उसके बाद प्रभारी मंत्री निर्देश दे गए कि 5 दिन में शहर साफ-स्वच्छ हों जाना चाहिए। सीएमओ से लेकर नपाध्यक्ष तक शहर के वार्डों में जा रहे हैं, लेकिन जनता इतनी समस्याएं गिना रही है कि जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है।
बीते तीन साल तक नगरपालिका के जिम्मेदारों ने हर तरफ लूट-खसोट करके करोड़ों के घोटाले कर दिए। इस दौरान शहर में विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दिया, तो रायता इतना अधिक फैल गया कि अब उसे समेटना मुश्किल हो रहा है। सिंध जलावर्धन योजना भले ही 15 वर्षों से चल रही है, लेकिन इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग करने वाले नगरपालिका के अफसरों ने शहर के बाजार में पाइप लाइन नहीं डाली, जबकि आसपास निर्माणाधीन कालोनियों में पानी की पाइप लाइन डालकर प्लॉट के रेट बढ़वा कर कॉलोनाइजर को फायदा देकर अपनी जेब भर ली, लेकिन बाजार छोड़ दिया। अब जबकि त्यौहार सिर पर आ गया, तो बाजार की सड़कों को पानी की लाइन डालने के लिए खोदा जा रहा है। जिसके चलते पूरा बाजार खुदा पड़ा है, और बाजार में पैदल चलना भी दूभर हो रहा है।
वहीं शहर में बीच बाजार और मुख्य सड़कों पर कचरा डंपिंग स्टेशन बना दिए जाने से पूरा शहर ही कचराघर बन गया है। फिर चाहे बस स्टेंड हो या शहर का बाजार, सभी तरफ हालात बहुत अधिक खराब है। कॉलोनी-मोहलों में खोदी गई सड़कों को रिपेयर करने के लिए आई रॉड रेस्टोरेशन के लिए आई 4.50 करोड़ की राशि का भी नपा के जिम्मेदारों ने बंदरबांट कर लिया। जिसके चलते कॉलोनी-मोहलों की सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। अब नगरपालिका ने तीन साल में इतना भ्रष्टाचार किया कि पूरा शहर बदहाली की स्थिति में पहुंच गया, जिसे सुधारना नपा के जिम्मेदारों के लिए मुश्किल हो रहा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि शहर आधुनिक नहीं बन पाया, तो केंद्रीय मंत्री का दावा कैसे पूरा होगा। वहीं प्रभारी मंत्री भी निर्देश देकर गए हैं, हालांकि मंत्री की अपने शहर ग्वालियर में कोई नहीं सुन रहा, तो फिर शिवपुरी में कितनी सुनवाई होगी, यह तो समय ही बताएगा।








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