February 4, 2026
रामसर साइट में शामिल चाँदपाठा झील में नहीं रुक रही सीवर की गंदगी, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, तो जलकुंभी होने लगी साफ

रामसर साइट में शामिल चाँदपाठा झील में नहीं रुक रही सीवर की गंदगी, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, तो जलकुंभी होने लगी साफ
झील संरक्षण पायलेट प्रोजेक्ट के तहत झील में गंदगी न रुक पाने की वजह से हाईकोर्ट की युगल पीठ ने पीएस को किया तलब

शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट इसलिए स्वीकृत हुआ था, ताकि नालों में बहने वाली सीवर की गंदगी को नालें में से होकर चाँदपाठा झील में न जाए। 2 साल।में पूरा होने वाला सीवर प्रोजेक्ट 15 साल में भी पूरा नहीं हो पाया। इस दौरान चांदपाठा झील को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट में शामिल कर लिया गया। नगरपालिका ने शहर के नालों से जाधव सागर में जा रही गंदगी को अलग एक नाले में निकालना तो शुरू कर दिया, लेकिन नालों की यह गंदगी सीधे ही कर्बला से होकर अभी भी झील में पहुंच रही है।
चांदपाठा झील में छाई जलकुंभी ने भी इस झील की सुंदरता को छीन लिया।उधर सीवर की गंदगी लगातार झील में आने की वजह से उसका पानी भी जहरीला होता जा रहा है। झील को संरक्षित करने के लिए हाईकोर्ट में दर्ज याचिका में सुनवाई करते हुए युगल पीठ ने जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ अगली तारीख पर नगरीय प्रशासन के प्रमुख सचिव को तलब किया है।
चूंकि झील में अभी भी सीवर की गंदगी आ रही है, तथा उसको रोक पाने में नगरपालिका से लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से फैल हो चुका है। इसलिए अब पौने दो करोड़ की मशीन से जलकुंभी हटाकर पानी दिखाने की तैयारी चल रही है। यह मशीन पिछले 6 माह में भी जलकुंभी साफ नहीं कर पाई।

सर्दियों में सूखने लगे चांदपाठा के किनारे

जलकुंभी जिस जलाशय में रहती है, उसमें सूरज की रोशनी से जलजीवों को महरूम कर देती है। साथ ही वो लगातार सोख कर हरी भरी बनी रहती है। जलकुंभी ने इस कदर पानी सोखा कि सर्दियों में ही झील के किनारे सूखने लगे। इसके अलावा गंदगी लगातार जाने की वजह से उसकी गहराई भी कम हो गई है।

रामसर साइट में शामिल चाँदपाठा झील में नहीं रुक रही सीवर की गंदगी, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, तो जलकुंभी होने लगी साफ

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