
राजपूत हॉस्टल से गायब हुए 3 किशोर कोतवाली पुलिस ने गुना रेलवे स्टेशन से पकड़ा, चले थे हीरो बनने
शाम को गायब हुए, पुलिस ने दिखाई तत्परता, अलसुबह ढूंढ निकाला, एक का दूसरी बार ट्राई
तीनों थे नाबालिग, पुलिस की बढ़ गईं थीं मुश्किलें, 10 हजार का किया था इनाम,
शिवपुरी। शहर के रिहायशी इलाके में मौजूद हॉस्टल में रहने वाले तीन नाबालिग लड़के बीते बुधवार की शाम को रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गए थे। रात 11 बजे कोतवाली में जाकर परिजनों ने लड़कों के गायब होने की सूचना दी। हॉस्टल संचालक ने प्रकरण दर्ज कराया था।
चूंकि तीनों लड़के नाबालिग होने के साथ ही पढ़ने वाले स्टूडेंट्स थे, जिन्हें उनके माता पिता ने शहर में पढ़ने के लिए सुरक्षित जगह समझ कर छोड़ा था। बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही जहाँ परिजन चिंतित हो उठे, तो वहीं पुलिस के लिए भी बड़ा चैलेंज था। कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि हमने रात में ही पुलिस टीमें बनाकर बस स्टेंड एवं रेलवे स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इस दौरान यह लड़के स्टेशन के आसपास नजर आए। जिसके आधार पर पुलिस टीम को गुना के लिए रवाना किया, क्योंकि रात में गुना की तरफ जाने वाली ट्रेन ही निकली थी।
कोतवाली पुलिस की टीम जब अलसुबह गुना स्टेशन के पास लगे सीसीटीवी कैमरे तलाश रही थी, तभी यह तीनाें किशोर मिल गए। इन्हें पुलिस ने आराम से बातचीत की, और उन्हें लेकर शिवपुरी रवाना हुए। जब बच्चे वापस लौटकर आये तो उनके माता पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मामला नाबालिग बच्चों का था, इसलिए एसपी अमन सिंह राठौड़ ने 10 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था।
रफूचक्कर हुए किशोरों में एक ने मारा दूसरी बार ट्राई
इन लड़कों में शामिल एक किशोर पूर्व में भी घर से भागने की कोशिश की थी, उस दौरान भी पुलिस आधे रास्ते से वापस ले आई थी। इस बार वो हॉस्टल के अपने दो साथियों को साथ लेकर मुंबई हीरो बनने निकला था, लेकिन इस बार भी वो हीरो नहीं बन पाया। ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों को हॉस्टल में छोड़े जाने वाले बच्चों की खोज खबर लेते रहना चाहिए, ताकि फिर इस तरह की घटनाएं न हों, जिसमें। परिजन और पुलिस दोनों की ही चिंता बढ़ गई थी।






