
प्रधानमंत्री आवास में रहने वाले परिवारों की महिलाएं बोलीं: हमें मौत के मुंह में बसा दिया, अब बिजली और पानी काटकर खतरे में कर दी जिंदगी
पीड़ा सुनने की बजाए डिप्टी कलेक्टर धाकड़ ने पूछा: क्या विरोध प्रदर्शन की अनुमति है आपके पास, आमजन की आवाज को दबाने के लिए ही जारी हुआ है आदेश
शिवपुरी कलेक्ट्रेट में शुक्रवार की शाम दो दर्जन महिला-पुरुष गायत्री शर्मा और सीएमओ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए, कलेक्ट्रेट में घुसे। यह सभी लोग मेडिकल कॉलेज के पीछे बनाए गए प्रधानमंत्री आवास में रहने वाले हैं, जिनके घरों में 3 दिन से पानी नहीं आया और नए साल पर लाइट भी काट दी। इस कॉलोनी के पीछे नजदीक ही माधव टाइगर रिजर्व की सीमा लगी हुई है, जहां से अक्सर जंगली जानवर आ जाते हैं। ऐसे में बिजली की रोशनी बहुत जरूरी है। अपने परिवार और बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंतित महिलाओं का तो यहां तक कहना था कि हम लोग मौत के साए में जी रहे हैं। वहीं एक महिला का यहां तक कहना था कि हमारी जवान बेटियां हैं, सभी तरफ अंधेरा छाए होने से यदि उनके साथ कुछ गलत हो जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा..?
महिलाओं के नारे सुनकर कलेक्ट्रेट के चेंबर वाले गेट से बाहर आए डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड ने महिलाओं की पीड़ा सुनने की बजाए उल्टा उनसे सवाल किया कि क्या आपके पास नारेबाजी करके विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति है?। यानि उन्होंने जनता की पीड़ा सुनने की बजाए यह पूछा कि कुछ दिन पहले कलेक्टर शिवपुरी द्वारा जारी किए गए आदेश का पालन किया है या नहीं। ज्ञात रहे कि जिलाधीश शिवपुरी ने एक आदेश जारी किया है कि कोई रेली, जुलूस, धरना प्रदर्शन करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। शायद प्रशासन ने यह आदेश इसलिए ही जारी किया है कि परेशान जनता अपना दर्द भी चिल्लाकर ना बता सके।
उधर पीएम आवास के जिम्मेदारों यानि नगरपालिका के जनप्रतिनिधि और अधिकारी की बात करें, तो सीएमओ अभी आफिस का वास्तुदोष करने में लगे हैं, तथा अध्यक्ष अपने गुणा – भाग में लगी हैं, जनता की सुनने वाला कोई नहीं है।







