
पोहरी विधायक के प्रतिनिधियों का दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर उन्हें पद से हटाया
पत्र जारी कर दिया संदेश, अब दूसरे नजदीकियों को मिलेगा विधायक प्रतिनिधि बनने का मौका
शिवपुरी। पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने अपने सभी प्रतिनिधियों को पद से हटा दिया। इसके लिए उन्होंने एक पत्र जारी करते हुए कारण बताया कि विधायक प्रतिनिधियों का 2 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो गया। चूंकि विधायक के दूसरे नजदीकी भी लाइन में लगे हैं, इसलिए अब उन्हें प्रतिनिधि बनाकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी दी जाएगी।
शिवपुरी जिले के विधायक भले ही अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की समय सीमा पर ध्यान न देते हों, लेकिन विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्ति तारीख उन्हें याद रहती है। बीते 10 अप्रैल को पोहरी विधायक ने एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि हमारे प्रतिनिधियों का 2 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया, इसलिए अब उनके पावर शून्य किए जाते हैं। उन्होंने लिखा है कि विभिन्न विभागों से चर्चा करके अब वो नए विधायक प्रतिनिधि बनाएंगे। इसलिए पूर्व में जिन्हें विभिन्न विभागों में प्रतिनिधि नियुक्त किया था, उनकी सेवाएं अब समाप्त की जाती हैं। चूंकि विधायक के विधानसभा क्षेत्र में नजदीकियों की संख्या अधिक होने के साथ ही हर कोई चाहता है कि उसके नाम के आगे विधायक प्रतिनिधि लिखा जाए। अब सवाल यह है कि जब विधायक प्रतिनिधि का कार्यकाल 2 साल का है, तो आखिरी यानि पांचवी साल में विधायक एक साल के लिए भी अपने प्रतिनिधि नियुक्त करेंगे, या फिर जो अभी बनाएंगे, उन्हें ही आगे रिन्युवल मिल जाएगा..?।
हर बार चर्चा में रहे विधायक प्रतिनिधि…
मध्यप्रदेश का शिवपुरी एकमात्र ऐसा जिला है, जहां पुलिस थानों में भी विधायक के अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने यह कारनामा जब किया, तो प्रदेश भर में पुलिस थानों के नियुक्त विधायक प्रतिनिधि चर्चा में रहे।
वहीं करेरा से भाजपा विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने तो सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 106 विधायक प्रतिनिधि नियुक्त करके नया रिकॉर्ड बनाया। चूंकि 106 तो सरकारी विभाग भी नहीं होते हैं, तो यह चर्चा भी सरगर्म रही थी कि रेत के अवैध उत्खनन के लिए कुख्यात करेरा में चल रहीं रेत खदानों पर भी क्या विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं..?






