
पत्रकारिता की आड में धमकी व ब्लैकमेलिंग का चलन जोरो पर, जबलपुर में फर्जी पत्रकार गया जेल, शिवपुरी में भी हुई शिकायत
ग्वालियर के अनिल ने अधिकारियों से की संजय बेचैन की शिकायत, लगाए ब्लैकमेलिंग व आदिवासियों को मोहरा बनाने के आरोप
शिवपुरी। एक तरफ गोदी मीडिया सरकार के अनुरूप काम कर रही है, तो वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पत्रकारिता जैसे पेशे को बदनाम किए हुए हैं। अभी हाल ही में जहां जबलपुर में एक डॉक्टर से 10 लाख की ब्लैकमेलिंग करते पुलिस ने दबोच लिया, तो वहीं शिवपुरी में भी पत्रकारों की धमकी और लिखित शिकायत का मामला भी सरगर्म है।
बीते गुरुवार को एक युवक पत्रकार बनकर दूसरे व्यक्ति को एफआईआर की धमकी देने का ऑडियो वायरल हुआ, तो वहीं संजय बेचैन के खिलाफ अनिल कुशवाह निवासी ग्वालियर ने कलेक्टर-एसपी से लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। जिनमें अनिल ने पत्रकार संजय को ब्लैकमेलर बताते हुए उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति कैसे आई, इसके तथ्य भी उजागर किए हैं। अनिल ने अपनी शिकायत में लिखा है कि संजय के मकान की रजिस्ट्री 1250 वर्गफीट की है, लेकिन मकान तीन गुना अधिक जगह पर बनाया है। वो भोले- भाले आदिवासियों को गुमराह करके न केवल उनको मिलने वाली शासन की योजनाओं में चपत लगा रहा है, बल्कि आदिवासियों की 200 बीघा जमीन हातोद में लेकर उस पर 100- 100 बीघा के फार्म हाउस बनाए हैं।
शिकायतकर्ता अनिल ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि अभी हाल में शहर के जमीन कारोबारी से संजय ने 12 लाख रुपए तथा सतीश अग्रवाल से 10 लाख रुपए लिए है। यह आदिवासियों को इकठ्ठा करके प्रशासन का घेराव करके दवाब बनाने का प्रयास करता है, तथा महिला संबंधी अपराधों के झूठे केस लगवा चुका है। इतना ही नहीं उसने झूठा एडवल्यूएस का सर्टिफिकेट बनाकर मेडिकल कॉलेज के पास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 5 दुकानों के अलावा फिजिकल पानी टंकी के पास मंडी में भी कई दुकानें ले रखी हैं।
अनिल कुशवाह ने शिकायत में उल्लेख किया है कि संजय बेचैन व उसके परिजनों के खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हैं। अनिल ने यह शिकायत जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री, कमिश्नर, डीजीपी, ईओडब्ल्यू एसपी सहित दैनिक जागरण के एडिटर से शिकायत करके उक्त सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।






