
पहले पानी से बचा रहे थे, अब आग ने खाक कर दी अन्नदाता की मेहनत, इमलिया में 25 किसानों की फसल हुई राख
कभी बारिश और ओले बिगाड़ देते हैं फसल, तो कभी पकी तैयार फसल में लग जाती है आग
शिवपुरी। खेत में कड़ी मेहनत करके अनाज उगाकर देश की जनता का पेट भरने वाला अन्नदाता हर मौसम में आशंकित रहता है। कुछ दिन पहले तक वो बारिश और ओलो से डरा हुआ था, और अब गर्मी पड़ने पर आग का डर सता रहा है। रविवार को जिले की नरवर तहसील के ग्राम इमलिया के गेहूं के पके खेतों के आग लगने से 80 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल खाक हो गई। इसमें 25 किसानों को आर्थिक नुकसान हो गया
चूंकि पिछले दो दिन से गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नरवर के इमलिया गांव में गेहूं की फसल अच्छी हुई थी, और किसान उसे देखकर यही उम्मीद लगाए हुए थे कि इस बार परिवारजनों के सभी खर्चे आराम से निकल आएंगे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि आग उनके सपनों को खाक के देगी। धूप जब तेज हुई, इसी बीच गेहूं के पके खेतों में से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते लगभग 80 बीघा में लगी गेहूं की फसल धूं धू करके जलने लगी। चूंकि इस आगजनी में आसपास वाले 25 किसानों के खेत थे, जो एक-एक करके आग की चपेट में आ गए। इस आगजनी में गांव के सरपंच शैलेंद्र इंदर सिंह रावत, अंतराम कोली, संजय रावत, राजू रावत, गणेश रावत। बंटी रावत, श्रीचंद रावत, जीमा कोली, परमा कोली, बाबू कोली, रामराश रावत एवं प्राणसिंह परिहार की फसल जलकर खाक हो गई।
इंदार क्षेत्र में भी लगी आग
जिले के इंदार थाना क्षेत्र में भी खेतों में भूसे के लिए बची पराली में एकाएक आग लग जाने से पूरे खेत काले हो गए, तथा किसानों को अपने पशुओं के लिए मिलने वाला भूसा भी नहीं मिल पाया।






