
नेताओं की धमाचौकड़ी व झूठे आश्वासनों में गुजरा यह साल, नए वर्ष में उम्मीद है कि नेता सच बोलेंगे
शहर की जनता को बेवकूफ बनाकर करवाते रहे खुद का स्वागत, आमजन आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित
शिवपुरी। अब महज 35 घंटे बाद हम सभी वर्ष 2026 में प्रवेश कर जाएंगे। अलविदा कह रहा वर्ष 2025 शिवपुरी के लिए नेताओं की धमाचौकड़ी और झूठे आश्वासनों व वायदों का रहा। शहर की जनता को बेवकूफ बनाकर अपना स्वागत करवाते रहे, जबकि आमजन आज भी मूलभूत सुविधा सड़क, बिजली और पानी के लिए परेशान है। अब हम नए वर्ष में क्या यह उम्मीद कर सकते हैं कि हमारे नेता अब सच बोलेंगे, और शहर के लिए कुछ बेहतर करेंगे..?
वर्ष 2025 में नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के लिए अच्छा नहीं रहा बेटे पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ, तो वहीं उनको कुर्सी से हटाने में पार्षद लगे रहे। हालांकि किस्मत की धनी गायत्री का विरोध करने वाले पार्षदों में तोमर गुट के लोग जब नेतृत्व करने आगे आए, तो सिंधिया गुट न चाहते हुए भी उनके संग खड़ा हो गया, क्योंकि भले ही शहर बदहाल हो जाए, नगरपालिका का बजट लुट जाए, लेकिन तोमर गुट की जीत नहीं होनी चाहिए। इसी खींचतान में गायत्री बची हुई हैं, लेकिन नए वर्ष की शुरुआत में ही खतरा नजर आ रहा है। नपाध्यक्ष को हटाने के लिए दो महीने तक मशक्कत करने के बाद अब पार्षद भी शांत हो गए, तथा कुछ जगह देखकर एडजेस्ट हो गए। इन सबके बीच शहर की जनता सर्दी के मौसम में पानी के लिए परेशान है, कुछ क्षेत्रों में हर रोज सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक अघोषित बिजली कटौती हो रही है, क्योंकि बिजली कंपनी चोरी नहीं रोक पा रही। शहर और कॉलोनी की सड़कों का हाल जानने के लिए महल के नाम वाली महल कॉलोनी को एक बार घूम आना तो समझ आ जाएगी।
शिवपुरी शहर को स्वर्ग बनाने का शपथ पत्र बांटकर विधायक बने देवेंद्र जैन अब न तो शपथ पत्र पर कोई बात कर रहे हैं, और न ही एफिडेविट के गारंटर त्रिलोकचंद्र अग्रवाल (बल्लू भैया) कहीं नजर नहीं आ रहे। विधायक का नाम अब जमीनों के मामलों में आ रहा है, तथा परेशान लोग पुलिस थानों और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं। विधायक का मैनेजमेंट पूर्व के कार्यकालों में उनके अनुज यानि छोटे भाई देखते थे, तब ऐसे मामले सामने नहीं आए, लेकिन इस बार का कार्यकाल उनके पुत्र सम्भाल रहे हैं, तो यह सब हो रहा है।
प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर हर बार दौरे में झूठे आश्वासन देकर चले जाते हैं। आधी रात को अस्पताल पहुंच जाते हैं, गंदगी देखकर खुद ही साफ करने लगते हैं, और हर बार यह भरोसा दे जाते हैं कि अच्छा होगा। जबकि उनके कहने के महीने भर बाद भी मनियर में हाईमास्ट तक नहीं लगा।
क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शुरुआत में ही शिवपुरी आए, और हर बार स्वागत करवाकर चले गए। पहली बार वो सहकारी बैंक का पैसा वापस लाने की सौगात बताकर जोरदार स्वागत करवा गए, लेकिन बाद में पता चला कि वो पैसा जनता को देने के लिए नहीं आया। पिछले लंबे समय से तो वो शिवपुरी आए ही नहीं, और केवल ऑनलाइन समीक्षा बैठक लेकर आदेश-निर्देश दे रहे हैं, तथा जनता को अब यह भरोसा दिला रहे हैं कि शिवपुरी को आधुनिक पर्यटन नगरी बनाएंगे। कहीं यह भरोसा भी सहकारी बैंक जैसा न निकल जाए..!








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