
नेता व प्रशासन मिले एक साथ, निकल गया दीवाला, हुई आतिशबाजी का कालाबाजारी
शाम 5 बजे से आतिशबाजी बाजार में खत्म हुआ दुकानों का माल, मुंह मांगे दामों पर बेची चंद्रा ने पटाखे
शिवपुरी। दीपों का पर्व दीवाली बिना आतिशबाजी के अधूरी होती है। सोमवार की शाम जब लोग आतिशबाजी खरीदने गांधी पार्क और सिद्धेश्वर ग्राउंड पर पहुंचे, तो वहां अधिकांश दुकानों पर।सामान खत्म हो गया था, और जहां मिल रहा था, वहां उसके रेट इतने अधिक थे कि आमजन उसे खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आज शाम को आतिशबाजी के नाम पर आमजन की जेब काटी। गई, और यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि शहर के एक आतिशबाजी कारोबारी को लाभ देने के लिए स्थानीय विधायक ने प्रशासन के सहयोग से उन दो बड़े आतिशबाजी के गोदामों को सील करवा दिया, जो ना केवल बाजार में माल भेजते थे, बल्कि बाजार के रेट को भी नियंत्रित करते थे।
ऐसे रचा गया कालाबाजारी का खेल
शिवपुरी शहर से लगभग 3 किमी दूर बडौदी पर आतिशबाजी के थोक विक्रेताओं के गोदाम हैं। जिनमें गुड्डू खंडेलवाल (आल इंडिया सप्लायर), दीपक जैन के अलावा आनंद जैन के गोदाम भी हैं। आनंद की तो कोर्ट रोड पर भी दुकान है, जहां पर आतिशबाजी अवैध रूप से बाजार में स्टॉक करके पीछे के रास्ते में माल बेचा जाता है।
आनंद जैन पूर्व केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे के नजदीकियों में शुमार रहे, और अब शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन के सजातीय व रिश्तेदारी होने से उनके खास हैं। चूंकि आनंद आतिशबाजी के थोक और खेरीज विक्रेता है, और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को नुकसान पहुंचाकर खुद दोगुना/तीन गुना माल कमाने के फेर में एक खेल खेला।
ऐसे खेला गया खेल
धनतेरस पर जब आतिशबाजी बाजार में दुकानें सज रहीं थीं, तभी नायब तहसीलदार अनिल धाकड़ ने कथित तौर पर अपना ट्रेलर थोक कारोबारियों को दिखाया, और फिर एसडीएम शिवपुरी को लेकर बडौदी पहुंच गए। यहां पर प्रशासनिक दल ने आनंद के गोदाम की तरफ नजर तक नहीं डाली, तथा उनके प्रतिद्वंदी गुड्डू और दीपक के गोदाम को यह लहकर सील कर दिया कि शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा। जबकि आनंद के गोदाम में तो फायर सेफ्टी उपकरण भी एक्सपायरी रखे थे। चूंकि पूरा खेल स्थानीय विधायक और आनंद के हिसाब से प्रशासन ने जमाया था, इसलिए दोनों गोदाम सील करके दीवाली के दिन तक नहीं खुलने दिए।
एक बना मालदार, जनता की कटी जेब
इस खेल का असर यह हुआ कि शाम 5 बजे जब आतिशबाजी का बाजार शुरू होता है, उस समय एक दुकानों पर माल ही खत्म हो गया। गांधी पार्क व सिद्धेश्वर पर आनंद जैन की खेरीज दुकानों पर मनमाने दामों पर आतिशबाजी बेची गई। जिससे आम जनता की जेब को सरेआम काटा गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवपुरी विधायक ने शहर की समस्याओं और नगरपालिका पर बोलने से परहेज किया, लेकिन इस कालाबाजारी के खेल में अप्रत्यक्ष रूप से भरपूर सहयोग किया।

गांधी पार्क में जब खरीदार आए तो दुकानों का माल ही खत्म हो गया







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