
नालों की गंदगी से निकलकर सिंघाड़े के पानी वाले खेत में आ रहे मगरमच्छ, नहीं कर पा रहे सिंघाड़े का उत्पादन
सीवरयुक्त गंदगी में लगातार रहने से सैकड़ों मगरमच्छों के जीवन पर मंडरा रहा खतरा, जिम्मेदार मौन
शिवपुरी। शहर के जाधव सागर तालाब को तीन हिस्सों में बांट दिया है, तथा सीवरयुक्त नालों के गंदे पानी का तालाब किनारे गहरा नाला बनाकर तालाब की तरफ से एक पार बना दी। सेपरेट किए गए नाले में सैकड़ों मगरमच्छ मौजूद हैं, जो उस गंदगी से निकलकर तीसरे जिस हिस्से में सिंघाड़े की खेती की जाती है, वहां पर आ रहे हैं। जिसके चलते सिंघाड़ा उत्पादक खेती नहीं कर पा रहे।
स्थानीय सिंघाड़ा उत्पादन करने वाले ठाकुरलाल ने बताया कि नालों के गंदे पानी में मगरमच्छोंकी संख्या बहुत अधिक हो जाने की वजह से वो नाले के पानी से निकलकर सिंघाड़े वाली जगह में आ जाते हैं, जिससे सिंघाड़ा उत्पादकों को खतरा बढ़ जाने की वजह से उन्होंने खेती ही नहीं की।
थोकबंद मगरमच्छों के इस ठिकाने तक जाने का रास्ता न केवल दुर्गम है, बल्कि उस पर से निकलते समय यह खतरा भी बना रहता है कि कहीं पगडंडी के रास्ते में ही कोई बड़ा मगरमच्छ बैठा न हो। सोमवार को जब हम मगरमच्छों के ठिकाने पर पहुंचे, तो मगरमच्छों के पाने में कूदने का सिलसिला शुरू हो गया। एक बड़ा मगरमच्छ पगडंडी को पार करके बिल्कुल ऊपर ही छुपा बैठा था, जो बमुश्किल पानी में वापस कूदा।
चूंकि जादे सागर में मिलने वाले शहर के नालों की दिशा बदलकर तालाब के किनारे से बाउंड्री तोड़कर पानी निकाला जा रहा है। यह गंदा पानी तालाब की सीमा से पार होकर कर्बला होते हुए चन्दपाठा झील में पहुंच रहा है। साथ ही नालों की गंदगी के बीच फंसे सैकड़ों मगरमच्छों के जीवन भी खतरे में बना हुआ है।
कर्बला/चान्दपाठा झील में जा रही नालों की गंदगी
शिवपुरी में झील संरक्षण परियोजना के तहत सीवर प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था, ताकि शहर के नालों में बह रही सीवर की गंदगी चाँदपाठा झील में न पहुंचे, लेकिन सच्चाई यह है कि अब उस झील में सीधे ही नालों की गंदगी पहुंच रही है। उधर 125 करोड़ रुपए खर्च करके जिस सीवर प्रोजेक्ट का काम किया, वो किस हाल में है, यह भी सभी को पता है।
बोले सीसीएफ: देखते हैं क्या कर पाते हैं
वो जगह नेशनल पार्क से बाहर है, लेकिन इतनी गंदगी में मगरमच्छों का रहना भी ठीक नहीं है। हम देखते हैं कि इस संबंध में क्या कर पाते हैं।
उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ, टाइगर रिजर्व







