
नगरपालिका ने कर दिया लाइट में भी घोटाला, महज 20 दिन जगमगाने के बाद फूंकी लाइट
बस स्टेंड पर छाया रहता है अंधेरा, प्रभारी मंत्री के आदेश पर भी मनियर में नहीं लगीं हाईमास्ट
शिवपुरी। भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हो चुकी नगरपालिका शिवपुरी में बिजली घोटाला भी कर दिया गया। स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट खरीदने के लिए भुगतान तो कंपनी के हिसाब से किया गया, लेकिन वो लाइटें चंद दिन में ही बंद हो गई। शिवपुरी बस स्टेंड पर पोहरी की बसों वाले स्टेंड पर रात होते ही घुप अंधेरा छा जाता है। यहां लगी लाइट महज 20 दिन ही जगमगा सकीं। महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले माह मनियर दौरे पर आए प्रभारी मंत्री हाईमास्ट लगाने का आदेश दे गए थे, लेकिन वो लाइटें भी अभी तक नहीं लगाई गई।
शिवपुरी नगरपालिका में शायद ही कोई ऐसा विभाग होगा, जिसमें जिम्मेदारों ने भ्रष्टाचार ना किया हो। बिना सड़क बनाए तथा बदहाल सड़कों की रिपेयरिंग किए बिना ठेकेदार ने भुगतान निकाल लिया, तो वहीं शहर को रोशन करने के लिए नगरपालिका द्वारा की गई लाइटों की खरीदी में भी बड़ा घोटाला कर दिया गया। डुप्लीकेट लाइटों पर कंपनी का ठप्पा लगाकर भुगतान तो असली लाइटों का करके अपना हिस्सा लेकर जेब भर ली, लेकिन शहर अंधेरे में ही डूबा रह गया। शिवपुरी बस स्टेंड के दूसरे हिस्से में (जहां से पोहरी-श्योपुर की बसें जाती हैं) हाईमास्ट लगाने के लिए ऊंचाई पर खंबा लगाया गया। खंबा लगने के दो माह बाद हाईमास्ट लाइट भी लगाई गई, लेकिन महज 20 दिन रोशनी देने के बाद यह लाइटें खराब होकर बंद हो गई। बीते 7 दिन पहले उन लाइटों को सुधारने के नाम पर निकाल लिया गया, लेकिन उसके बदले में एक बल्ब तक नहीं लगाया गया। स्थिति यह है कि सांझ ढलते ही बस स्टेंड का पूरा हिस्सा अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। जबकि बस स्टेंड जैसी जगह पर तो यात्रियों की आवाजाही बनी रहने की वजह से यहां पर्याप्त रोशनी होना चाहिए, लेकिन नपा के जिम्मेदार आंख बंद करके बैठे हैं।
प्रभारी मंत्री का आदेश भी खूंटी पर
पिछले माह जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मनियर बस्ती का दौरा करने के दौरान शिवपुरी विधायक से कहा था कि यहां पर हाईमास्ट लगाई जाएं। विधायक देवेंद्र जैन ने उस समय कहा था कि नगरपालिका से कह दो कि वो समय पर लाइट लगवा दे। प्रभारी मंत्री के आदेश को भी 15 दिन से अधिक समय गुजर गया, लेकिन लाइट तो दूर, खंबा तक नहीं लगा।
शिवपुरी शहर में स्ट्रीट लाइटें की खरीदी में घोटाला करने वाले नपा के जिम्मेदारों ने पिछले 3 साल में जिस तरह से बिजली उपकरणों की खरीदी की है, उन पर तो प्रशासन की जांच रिपोर्ट में भी सवाल खड़े किए गए थे। यानि नगरपालिका के जिम्मेदारों ने अपनी जेब भरने के लिए किसी भी हद तक जाकर भ्रष्टाचार किया है।
बोलीं पार्षद: आपको पता तो है नपा के हाल
बस स्टेंड पर अंधेरा होने की वजह से मैने जब नगरपालिका में पूछा तो कोई जवाब नहीं दे रहा। नगरपालिका में क्या कुछ हो रहा है, आपको तो अब पता है। प्रभारी मंत्री के आदेश पर भी अमल नहीं हुआ, तथा कोई हाईमास्ट मनियर में नहीं लगी।
सरोज धाकड़, पार्षद वार्ड 13

बस स्टेंड पर खाली खड़ा हाईमास्ट का खंबा, लाइट खराब होने की वजह से निकाल ली







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