
नगरपालिका ने भ्रष्टाचार करने में अंतिम यात्रा की सड़क को भी नहीं छोड़ा, सिंगल लेयर डालकर निकला पूरा भुगतान
2 लाख का काम कर, 7.65 लाख रुपए सड़क बनाने के नाम पर निकाले, अब फीता डालकर नाप रहे लम्बाई-चौड़ाई
शिवपुरी। शहर की जनता को मूलभूत सुविधाएं देने की जिम्मेदारी जिस नगरपालिका की है, उसके जिम्मेदारों ने भ्रष्टाचार कुछ इस कदर किया कि जिंदा ही नहीं, मृत लोगों की अंतिम यात्रा वाली सड़क में भी गोलमाल कर दिया। शनिवार को शिवपुरी एसडीएम ने अपनी टीम के साथ सड़कों का भौतिक सत्यापन किया।
मुक्तिधाम वाली सड़क को बनाने के एवज में 7.65 लाख रुपए का भुगतान ठेकेदार को किया गया, जबकि उसने महज 2 लाख खर्च करके डामर की सिंगल लेयर डाल दी। ज्ञात रहे कि पार्षदों ने वार्डों में सड़कों की मरम्मत के नाम पर हुए लाखों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि मौके पर काम ही नहीं हुआ। सड़क के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की शिकायत एडीएम से की गई थी, जिसकी जांच करने के लिए एसडीएम राजावत को जिम्मेदारी दी गई है।
ज्ञात रहे कि एक माह पूर्व जो पार्षद विरोध प्रदर्शन करते हुए नपाध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे थे, वो इन दिनों सड़कों की जांच करवाने में व्यस्त हैं। चूंकि इन पार्षदों को नुक्कड़ नाटक की परमीशन प्रशासन ने नहीं दी थी, इसलिए अब यह पार्षद भी विरोध छोड़कर सड़कों की नापतौल करवाने में बिजी हो गए। शहर में चर्चा है कि ऐसे ही जांच करते और भ्रष्टाचार को सिद्ध करने में समय गुजर जाएगा, और नपाध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा कर।लेंगी।
किस्मत से मिली कुर्सी, संभाले हैं मंत्री के नजदीकी
नगरपालिका अध्यक्ष बनीं गायत्री शर्मा की किस्मत ने जोर मारा, तो वो नगर की प्रथम नागरिक बन गई। बीच में कुछ समय खराब आया, तो विरोध प्रदर्शन के अलावा प्रशासनिक जांच में भी वो दोषी पाई गई। उधर केंद्रीय मंत्री के नजदीकियों ने नपाध्यक्ष को कुर्सी पर अभी तक रोके रखा है।
बोले एसडीएम: सभी एंगल से कर।रहे जांच
जो शिकायत पार्षदों ने की है, उसका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सड़कों की नापतौल होने के बाद फाइलों की जांच कर भुगतान के कागज भी देखेंगे। उसके बाद यह तय होगा कि इसमें कितना गड़बड़झाला किया गया।
आनंद सिंह राजावत, एसडीएम शिवपुरी

मुक्तिधाम की सड़क को नापती जांच करने वाली टीम






