
नगरपालिका का एक और कारनामा: जगह तय नहीं, दुकानें बनी नहीं, बेचने के टेंडर जारी किए
शिवपुरी के जिस बस स्टेंड में 60 फीसदी दुकानें बरसों बार भी पड़ी हैं बंद, वहां 10 नई दुकानें बनाकर नजदीकियों को देने की तैयारी
शिवपुरी। भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हो चुकी नगरपालिका शिवपुरी का एक और कारनामा सामने आया है। शिवपुरी बस स्टेंड पर 10 नई दुकानें के टेंडर जारी कर दिए, जबकि न तो जगह तय हुई, और न दुकानें बनी। सूत्रों की माने तो अपने व्यवसायिक दोस्तों को मौके की जगह पर दुकान देने के लिए नपा के साहब ने यह खेल खेला है। महत्वपूर्ण बात यह है कि टेंडर की शर्त में 8 दुकानें सामान्य वर्ग को, जबकि 2 दुकानें एससी ब एसटी के लिए आरक्षित की है।
गौरतलब है कि शिवपुरी बस स्टेंड के बनने के साथ ही मार्केट के उल्टे नक्शे की वजह से अभी भी 60 फीसदी दुकानों में ताले लटके हुए हैं। नालियों की निकासी न होने से जो दुकानें खुली हैं, उनके सामने कचरे और गंदगी से नालिया भरी होने से दुकानदार भी परेशान हैं। जिस बस स्टेंड में नपा की 60 प्रतिशत दुकानें बंद हों, उनमें फिर से 10 नई दुकानें बनाने का क्या औचित्य है?
सूत्रों की माने तो नपा के साहब अपने जमीन कारोबारियों के लिए तो काम पहले से ही कर रहे थे, और अब उन्होंने बस स्टेंड में पार्क के लिए छोड़ी गई जगह पर 10 नई दुकानें बनाकर देने का प्रपोजल तैयार कर लिया। इनमें से 8 दुकानें तो अपने नजदीकियों को देकर उन्हें बस स्टेंड पर मौके की दुकान देने के लिए बिना जगह चिन्हित हुए तथा दुकान बनने से पहले ही उन्हें बेचने का टेंडर समाचार पत्र में जारी कर दिया।
बस स्टेंड के ग्वालियर-गुना एवं राजस्थान की बसों वाले स्टेंड पर पार्कों के लिए पाइप की बाउंड्री बनाकर इसकी जगह चिन्हित की गई थी । इस पार्क में पौधारोपण नाम pr नगरपालिका ne बजट to खर्च किया, लेकिन पार्क में फूल पत्तियां नहीं लग पाईं। सूत्रों का कहना है कि नपा के साहब ने इन पार्कों को खत्म करके उनकी जगह दुकानें बनाने की प्लानिंग अपने व्यापारी।मित्रों के साथ कर ली है। इसे कहते हैं नपा का जादू: न जगह तय, न दुकान बनीं, बेचने के टेंडर जारी कर दिए।







