
मेला खत्म हुए 16 दिन गुजरे, सिद्धेश्वर ग्राउंड से नहीं हटाई मेले की गंदगी नगरपालिका ने ठेके के वसूले 61 लाख , साफ- सफाई पर किसी का नहीं है ध्यान, जिम्मेदार बचा रहे अपनी कुर्सी
शिवपुरी। श्री सिद्धेश्वर मेले को खत्म हुए 16 दिन गुजर गए, लेकिन ग्राउंड पर बिखरी पड़ी मेले की गंदगी को अभी तक साफ नहीं कराया गया। नगरपालिका ने ठेकेदार से 61 लाख रुपए वसूल करके अपना मुनाफा कमा लिया, लेकिन सफाई करने की जहमत नहीं उठाई। नपा के जिम्मेदार केवल अपनी कुर्सी बचाने में जुटे हुए।हैं।
गौरतलब है कि बीते 21 जून को श्री सिद्धेश्वर मेला खत्म हो गया, और झूले से लेकर दुकानें भी उठा ले।गए। मेला खत्म होने के बाद उसकी गंदगी पूरे मेला ग्राउंड पर बिखरी पड़ी है, जबकि उसके गेट पर ही कचरे का ढेर लगा हुआ है। बरसात के बीच मेला ग्राउंड पर बिखरी गंदगी और भी अधिक सड़ांध मार रही है। सिद्धेश्वर मेले का ठेका 61 लाख रुपए का देने के बाद नगरपालिका ने उस तरफ देखा ही नहीं, जबकि पूरे ग्राउंड में मेले में गंदगी बिखरी हुई है।
ज्ञात रहे कि अब सावन शुरू होने वाले हैं, और इस मेला ग्राउंड से होकर ही भक्तगण शहर के प्राचीन शिव मंदिर सिद्धेश्वर पर पूजा अर्चना करने जाते हैं। सावन में इस मंदिर पर उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ इसी ग्राउंड में खड़े होकर पूजा के लिए नंबर का इंतजार करते हैं। ऐसे में जबकि पूरा।मेला ग्राउंड ही कचराघर बना हुआ है, तो भक्तगणों को परेशानी होना तय है।
सिर्फ पैसा लेने तक सिमटी नपा
नगरपालिका की जिम्मेदारी है कि मेला खत्म होने के बाद पूरे ग्राउंड को साफ सुथरा करवाए। नपा।के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि शहर स्वच्छता पर नजर डालने की बजाए अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। ज्ञात रहे कि नपाध्यक्ष को कुर्सी से हटाने की शपथ पार्षद करेरा के बाग बगीचा में खाकर आए हैं, और अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित 3 साल की समयावधि अगस्त में पूरी होने वाली है।

सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड पर बिखरी मेले की गंदगी







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