
मादा टाइगर तय कर रही माधव टाइगर रिजर्व में आने वाले गांव, दहशत में ग्रामीण, दिन में भी खेतों में मार रही दहाड़
बोले ग्रामीण: वापस लौट रहा है पुराना समय, उस समय भी लोगों को मार देता था नाहर
शिवपुरी। एमटी- 6 ने बांधवगढ़ से आने के बाद पिछले 11 दिन से लगातार पार्क के आसपास बसे गांव को माधव टाइगर रिजर्व में बफर जोन के लिए चिन्हित कर रही है। इस दौरान सभी गांव में दहशत बनी हुई है, तथा पुराने ग्रामीण कहने लगे हैं कि अब फिर से पुराना समय लौट आया है। उस समय में भी लोगों को उठाकर ले जाते थे, और अब फिर से ग्रामीणों पर हमला करने लगे हैं।
गौरतलब है कि बीते 27 दिसंबर की सुबह माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ से लाई गई मादा टाइगर को छोड़ा गया। पिंजरे से निकलकर मादा टाइगर ने जंगल में जो दौड़ लगाई, तो फिर रुकी नहीं है। झिराना मंदिर का एरिया पार करके चाड गांव से होकर सतनबाड़ा के डोंगर गांव तक घूमने के बाद अब वो कोटा-झांसी फोरलेन को क्रॉस कर सुरवाया के आसपास सरदारपुरा, मोहम्मदपुर और ख़ुटेला को बफर जोन में चिन्हित कर दिया। इस दौरान मादा टाइगर ने वन्यजीव जैसे हिरण, चिंकारा, नीलगाय आदि का शिकार न करके पालतू मवेशी ही मारे हैं। जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है, तथा अब वो अपने खेतों पर दिन में जाने से डर रहे हैं, क्योंकि मादा टाइगर के दिन में बने वीडियो सामने आ रहे हैं। पार्क की टीम भी लगातार मादा टाइगर के साथ गांव-गांव घूम कर ग्रामीणों को सलाह दे रही है कि खेतों की तरफ न जाएं, शाम को ही अपने घरों में दुबक जाएं। चूंकि जान हर किसी को प्यारी है, तो गांव में शाम होते ही अब सन्नाटा पसरने लगा है, जबकि पहले तो चबूतरे के पास आग जलाकर काफी समय तक लोग बैठा करते थे।
जंगल में ही रुकना पसंद करते हैं पर्यटक
जिले में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और विदेशी मेहमानों से होटल कारोबार को ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए माधव टाइगर रिजर्व में टाइगरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा टूरिज्म के फार्म स्टे, होम स्टे भी जंगल के बीच अच्छे चल रहे हैं, तथा शिवपुरी-झांसी लिंक रोड।पर कई बनकर भी तैयार हो गए हैं।








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