
कुत्ते ने भौंक कर बता दिया, वरना किसी को भी निगल जाता विशालकाय मगरमच्छ, लोगों ने हांका लगाकर वापस भेजा
बेमौसम बरसात की तरह शहर में गर्मियों के मौसम में सड़कों पर घूमने निकल रहे मगरमच्छ
शिवपुरी। शनिवार की आधी रात को एकाएक तेज आवाज में कुत्ते ने भौंकना शुरू किया, तो फिर वो चुप नहीं हुआ। किसी अनहोनी की आशंका के चलते जब लोगों ने जागकर देखा तो एक विशालकाय मगरमच्छ राजू बाथम के घर के आंगन में घूम रहा था। जब लोगों ने मगरमच्छ आ जाने का शोर किया तो दूसरे लोग भी लाठी लेकर बाहर निकले। फिर उसे हांक कर उसी नाले में पहुंचा दिया, जिसके रास्ते से होकर वो जाधव सागर तालाब में से आया था।
क्लाइमेट चेंज के चलते जहां गर्मियों के मौसम में भी बरसात हो रही है, जैसे शनिवार की रात को हुई, ठीक उसी तरह शहर में मगरमच्छ भी बरसात की जगह गर्मियों में घूमने निकल रहे हैं। शिवपुरी शहर व उसके आसपास स्थित ताल-तलैया में जलकुंभी छाई होने की वजह से बड़ी तादाद में मौजूद मगरमच्छ अब पानी से बाहर भागने लगे हैं। चिंताहरण मंदिर के पास रहने वाले राजू बाथम के घर के पास से एक बड़ा मगरमच्छ रात के अंधेरे में शिकार की तलाश में आया। इसी बीच वहां बैठे कुत्ते ने आहट सुन ली, और चिल्लाकर घर के लोगों को जगा दिया।
लगभग आधा घंटे तक स्थानीय लोग मगरमच्छ को हांका लगाकर अपने घर से दूर भगाते रहे जब तक मगरमच्छ तालाब में नहीं चला गया, स्थानीय लोगों को नींद नहीं आई। हमारी शिवपुरी में रहने वाले लोग अपनी जान हथेली पर लेकर रह रहे हैं, कभी शहर में मगरमच्छ, तो कभी तेंदुआ और गांव के टाइगर घूम फिरकर लोगों की नींद उड़ा देता है।






