
किन्नरों की अवैध वसूली से कराह उठा वैश्य समाज, तय किया शादी के 2100, बच्चे के जन्म पर 1100, त्यौहार वसूली 50 रुपए
शादियों के सीजन में किन्नरों ने कर दी 51 हजार से 1 लाख रुपए तक की वसूली, समाज के लोग जब ज्ञापन देने गए, तो अधिकारी भी मिले पीड़ित
शिवपुरी शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए पहले से ही परेशान है, उस पर से किन्नरों की अवैध वसूली ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। इन दिनों चल रहे शादी के सीजन में व्यापारी वर्ग से इन किन्नरों ने हजारों की नगद राशि के अलावा इतने जेवर मांग लिए कि व्यापारी वर्ग कराह उठा। बीते रोज स्माजनक महिला पुरुषों ने एडीएम व एसडीओपी को ज्ञापन देकर बताया है कि हमने तय कर लिया है कि शादी में 2100 रुपए, बच्चे के जन्म में 1100 रुपए व तीज त्यौहार पर 50 रुपए देंगे। यदि देखा जाए तो इस रेट में भी किन्नरों की अच्छी खासी वसूली हो जाएगी।
व्यवस्था का सोचनीय पहलू यह भी है कि जिन अधिकारियों को वैश्य समाज के लोगों ने ज्ञापन दिया, उन अधिकारियों ने भी बताया कि हमसे भी उनका शिकार हो चुके हैं। यानि जिनसे कार्यवाही की आस लेकर गए, वो खुद उनके शिकार निकले।
हमारे साथी विनय राहुरीकर ने जागरूकता दिखाते हुए किन्नरों द्वारा वसूली गई राशि वापस ली थी। क्योंकि किन्नरों ने उनकी पत्नी को घर में अकेला घेरकर इतना मजबूर कर दिया था कि उन्होंने पड़ोस से रुपए उधार लेकर किन्नरों को रुपए दिए थे।
भ्रष्टाचार की भी तय हो रेट लिस्ट
किन्नरों के अलावा शिवपुरी में नगरपालिका से लेकर अन्य शासकीय दफ्तरों में जिस तरह सी भ्रष्टाचार चरम पर है, उसे देखते हुए हर काम में रिश्वत की रेट लिस्ट टांग देनी चाहिए। क्योंकि किसी भी जगह कोई काम बिना रिश्वत के नहीं हो रहा।

एडीएम को ज्ञापन देते वैश्य समाज के लोग







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