
कानून से खेलने में अस्पताल बने मोहरे: जेल जाने से बचने के लिए जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर
धोखाधड़ी के आरोपी हर्षित का स्वस्थ्य होकर बातचीत का वीडियो वायरल, पिता यानि कमला हेरिटेज के मालिक फरार
शिवपुरी। जिला अस्पताल हो या मेडिकल कॉलेज, यह सभी आरोपियों के लिए जेल से बाहर रहने के साधन बन गए हैं। जमीन के मामले में धोखाधड़ी के आरोपी हर्षित जैन ने 25 फरवरी को न्यायालय में सरेंडर किया, और जेल जाने से बचने के लिए हॉस्पिटल-अस्पताल खेल रहे हैं। जिस हालत में हर्षित को ग्वालियर रेफर किया गया, उसके स्वस्थ्य रहते हुए पुलिसकर्मी से बातचीत का वीडियो वायरल हो गया।
ज्ञात रहे कि प्रद्युम्न वर्मा और कमला हेरिटेज के मालिक नरेंद्र जैन (भोला) के बीच जमीनी विवाद था। भोला ने पहले भाजपा का पट्टा गले में डाल लिया था, तो प्रद्युम्न के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया था। विधानसभा चुनाव के बाद जब प्रद्युम्न वर्मा ने भाजपा की सदस्यता ली तो भोला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। जिसमें भोला ने अपने बेटे हर्षित जैन का झूठा शपथ पत्र बनाकर दिया था, जो पकड़ में आ गया। जिसके चलते भोला, हर्षित व महेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ, तो सभी आरोपी फरार हो गए थे। हर्षित ने बीते 25 फरवरी को सरेंडर किया, तथा जेल जाने से बचने के लिए जिला अस्पताल में भर्ती हो गया।
जब सिविल सर्जन डॉ. बचनलाल यादव से पूछा कि हर्षित को कौन सी गम्भीर बीमारी है, तो डॉ यादव ने हर्षित को मेडिकल कॉलेज भेज दिया। कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर से भोला की अनबन है, तो उन्होंने हर्षित को ग्वालियर रेफर कर दिया। जिस हर्षित को ग्वालियर रेफर किया गया, उसके आराम से चलने और पुलिसकर्मी से बातचीत करने का वीडियो वायरल हो गया।
यानि एक तरफ अस्पताल जहां मरीजों का उपचार करने के लिए संचालित हैं, तो वहीं अपराधियों के लिए जेल से बचने का अड्डा बन गया है।






