
जिला मुख्यालय के एक शासकीय स्कूल पर भूमाफिया की नजर, रजिस्ट्री व रिकॉर्ड चोरी, 43 कमरों पर नशेड़ियों का कब्जा
रिकॉर्ड चोरी करने दीवार तोड़ी चोरों ने, अब आसपास की जमीन भी जा रही कब्जे में, दीवार से सटाकर बनाया नियम्विरुद्ध प्राइवेट स्कूल
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर अभी तक भूमाफिया ने तालाबों और नालों पर कब्जा किया है, लेकिन अब उनकी नजर शासकीय स्कूल पर भी पड़ गई। जिसके चलते शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिद्धेश्वर का रिकॉर्ड 4 साल पहले चोरी करवा दिया गया, और अब आसपास की जमीन पर भी कब्जा शुरू हो गया। इतना ही नहीं स्कूल के तीन कमरों पर नशेड़ियों और जुआरियों का कब्जा हो गया, जबकि स्कूल की दीवार से सटाकर ही नया प्राइवेट स्कूल भी खोल लिया गया, जबकि आरटीई के नियमों के तहत 1 किमी तक कोई प्राइवेट स्कूल नहीं होना चाहिए। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव सब कुछ जानकर भी अनजान बनाकर मौन स्वीकृति दिए हुए हैं।
शिवपुरी शहर में विष्णु मंदिर के पास एक पठार पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिद्धेश्वर बना हुआ है। स्कूल में यूं तो 6 कमरे बने हैं, लेकिन उनमें से 3 कमरों में ही बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि तीन कमरों की खिड़कियां व दीवार तोड़कर पहले रिकॉर्ड चोरी किया गया, और अब उसमें नशेड़ियों ने अपना अड्डा बना लिया है। स्कूल प्रबंधन ने उक्त तीनों कमरों में बाहर से ताला डाल दिया, क्योंकि उसमें नशेड़ियों व असामाजिक तत्वों की बैठक रहती है।
बड़ा सवाल यह है कि चोर जब भी चोरी करता है, तो उसके निशाने पर जेवर, नगदी या फिर कोई कीमती सामान होता है, लेकिन इस स्कूल की खिड़की और दीवार तुड़वाकर स्कूल के दस्तावेज चोरी करवाए गए हैं। शिवपुरी में जब नालों की पुलिया ही रिकॉर्ड से गायब कर दी गईं, तालाब में पानी भरा होने के बाद भी उसमें प्लॉट काट दिए गए, तो किसी दिन भूमाफिया रिकॉर्ड से यह सरकारी स्कूल ही गायब करवाकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लेंगे। जिसकी शुरुआत 3 कमरों पर अघोषित कब्जा करके हो चुकी है।
शिक्षा विभाग के नियम भी खूंटी पर
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि किसी भी शासकीय स्कूल से 1 किमी की दूरी तक कोई प्राइवेट स्कूल नहीं होना चाहिए। जिला मुख्यालय पर ही यह नियम खूँटी पर टांगकर शासकीय प्रावि सिद्धेश्वर की दीवार से लगाकर ही नया प्राइवेट स्कूल खोल दिया गया। डीईओ विवेक श्रीवास्तव को पूरी जानकारी होने के बावजूद वो यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं, कि हम तो कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल देखते हैं, तथा मुझसे बीआरसी ने कहा था कि ऐसा कोई नियम नहीं है। स्कूल की जमीन पर हो रहा कब्जा और नजदीक चल रहे प्राइवेट स्कूल की जानकारी होने पर भी डीईओ पल्ला झाड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं।






