February 14, 2026
जब तक ढूंढ रहे थे जमीन का ग्राहक, तब तक किसी दूसरे ने अपनी जमीन बताकर करा दी रजिस्ट्री

जब तक ढूंढ रहे थे जमीन का ग्राहक, तब तक किसी दूसरे ने अपनी जमीन बताकर करा दी रजिस्ट्री
भूमि मालिक जब पहुंचा अपनी जमीन पर, तो उस पर अधिकार जताने आ गया दूसरा, पटवारी व आरआई ने दिलाया कब्जा

शिवपुरी। यदि आपने शहर या जिले में कहीं भी जमीन खरीदी है, तो उसे खाली न छोड़ें, अन्यथा कभी भी कोई उसका दावेदार बन जाएगा। ऐसा ही एक मामला पोहरी रोड सेंट चार्ल्स के सामने ट्रेक्टर एजेंसी संचालक का सामने आया ह। जिसमें उसकी रजिस्ट्रीशुदा जमीन को किसी दूसरे ने अपनी बताकर किसी तीसरे को रजिस्ट्री करा दी। जब यह मामला शिवपुरी तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा के पास पहुंचा, तो उन्होंने पटवारी भेजकर जमीन का कब्जा दिलवाया।

ऐसे समझें पूरा मामला:

ट्रेक्टर एजेंसी संचालक योगेंद्र रघुवंशी ने वर्ष 2023 में अपनी पत्नी के नाम से सेंट चार्ल्स स्कूल के सामने 6795 वर्गफीट जमीन खरीद कर रजिस्ट्री करवाई थी। इसमें से योगेंद्र ने 45 * 45 यानि 2025 वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री किसी दूसरे के नाम करवा दी थी। योगेंद्र पर अब 4770 वर्गफीट जमीन शेष बची थी। योगेंद्र जब अपनी शेष जमीन को बेचने के लिए ग्राहक ढूंढ कर मौके पर पहुंचे, तो उनके स्वामित्व की जमीन में से दो प्लॉट एक पंडितजी ने खुद मालिक बनकर बेच दी। जब योगेंद्र अपनी जमीन पर पहुंचे, तो उसका मालिक कोई दूसरा आकर खड़ा हो गया। सरेआम जमीन पर कब्जा हो जाने से परेशान योगेंद्र ने तहसीलदार कार्यालय में अपने दस्तावेजों के साथ शिकायत की। जिस पर कार्यवाही करते हुए तहसील के आरआई व पटवारी ने मौके पर जाकर बेदखली की कार्यवाही करते हुए बनाई गई बाउंड्री हटवा दी थी। लेकिन कुछ दिन बाद वो जमीन का मालिक बनने वाला शख्स फिर से जमीन पर कब्जा करने पहुंच गया।

फिर पहुंचे पटवारी व आरआई

शुक्रवार को जब योगेंद्र रघुवंशी फिर से अपनी जमीन पर गए तो पंडितजी ने फिर से आकर उक्त जमीन पर अपना दावा पेश किया। लेकिन इस बीच आरआई प्रमोद शर्मा एवं पटवावी देवेंद्र गर्ग ने मौके पर पहुंचकर कब्जा दिलवाया। अब योगेंद्र अपनी फेंसिंग करके कब्जा करवा रहे हैं।
यह तो महज उदाहरण है, जबकि सेंट चार्ल्स स्कूल के सामने दर्जनों ऐसे प्लॉट हैं, जिनकी रजिस्ट्री तो लोगों के पास है, लेकिन धरातल पर।जमीन नहीं मिल रही।

एक ट्रॉली पत्थर से कमा रहे लाखों

इन गुमशुदा प्लॉटों के बीच शहर में एक ऐसा भी रैकेट काम कर।रहा है, जो किसी भी धनाढ्य व्यक्ति की खाली जमीन पर एक ट्रॉली पत्थर खण्डा डलवा देते हैं । जब भूमि मालिक विरोध करता है तो वो उसे अपनी जमीन बताकर दावा करते हैं, और फिर 2-3 लाख रुपए लेकर वो पत्थर वहां से भरवा कर फिर किसी नए शिकार की जमीन पर डाल कर अवैध वसूली करते हैं।

जब तक ढूंढ रहे थे जमीन का ग्राहक, तब तक किसी दूसरे ने अपनी जमीन बताकर करा दी रजिस्ट्री

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