
इसलिए न्याय पालिका पर अभी भी है भरोसा, कार्यपालिका तो कठपुतली बनी, अब गोदी मीडिया..?
दिल्ली में आम आदमी पार्टी न्यायालय से निर्दोष निकली, शिवपुरी में भ्रष्टाचार की प्रमाणित जांच में न्यायालय ने आरोपी जेल भेजे, शेष पर राजनीतिक बीटों
शिवपुरी से सैमुअल दास:::
देश के हालात भले ही बेकाबू होते जा रहे हों, लेकिन देश की ईमानदार जनता को न्याय पालिका से पूरी उम्मीद है। वो इसलिए, क्योंकि उसने अपने फैसले में कोई हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया। देश के दिल (दिल्ली) पर राज करने वाली आम आदमी पार्टी के वो सभी नेता कोर्ट से निर्दोष साबित हुए, तो केजरीवाल रो पड़े। इधर हमारे शिवपुरी में भी नगरपालिका में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच जिला प्रशासन ने की, तो उसमें सभी उन लोगों को दोषी माना, जिनके हस्ताक्षर से राशि निकाली गई। पुलिस ने दो इंजीनियर व ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने के बाद न्यायालय ने उन्हें जेल भी भेजा। लेकिन इस भुगतान में अहम भूमिका निभाने वाले अध्यक्ष और सीएमओ सहित ईई को नगरीय प्रशासन ने अभी तक दोषी नहीं माना। क्योंकि उनके साथ राजनीतिक बीटों लगा हुआ है। हालांकि यह मामला हाईकोर्ट में भी लगा है, जहां से न्याय मिलने की उम्मीद है।
अब क्या होगा गोदी मीडिया का..?
पूरे दिन और रात सरकार के गुणगान करने वाली गोदी मीडिया अब क्या स्पष्ट रूप से दिखा पाएगी कि सरकारी तंत्र को मजबूत करके हर आमजन को मूलभूत सुविधाएं बहुत सस्ते दामों में उपलब्ध कराने वाली सरकार के मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों को शराब के झूठे केस में फंसाकर उन्हें न केवल महीनों तक के लिए जेल भेजा, बल्कि उनकी सरकार भी छीन ली। इसके अलावा इस षड्यंत्र को रचने वाले चेहरों को भी उजागर करेगी क्या?, हमारे देश की गोदी मीडिया, क्योंकि देश के ऐसे हालात बनने में वो भी सहयोगी हैं।
शुरू से ही नहीं झुकी न्यायपालिका..!
केंद्र में जब मोदी सरकार आई थी, तो सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कुछ गलत निर्णयों का विरोध किया था। उस समय तक देश का वो चौथा स्तंभ (जो लिखित में नहीं है), सरकार से उतना सेट नहीं हुआ था, इसलिए जजों की आवाज को उठाया, और वो गलत निर्णय नहीं हो पाए। यानि न्यायपालिका ने हमेशा गलत का विरोध किया।







